प्रभारी निरीक्षक बृजेश सिंह ने बताया कि मुखबिर ने सूचना दी थी कि पशुओं से भरी एक डीसीएम पूरनपुर की ओर से बरेली की तरफ जा रही है। सूचना पर असम पुलिस चौकी इंचार्ज ने सुनगढ़ी पुलिस के साथ देवहा पुल के पास वाहन चेकिंग शुरू की। चेकिंग के दौरान असम पुलिस चौकी को क्रॉस कर आई डीसीएम के चालक ने पुलिस देखकर गाड़ी रोक दी और भागने का प्रयास किया। पुलिस ने चालक खीरी जिले के थाना और मोहम्मदी के मोहल्ला लखपेड़ा, मोहल्ला सरैंया निवासी तालिफ व बरेली जिले के थाना देवरनियां क्षेत्र के रिछा के मोहल्ला गौटिया निवासी हसीन बंजारा को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने डीसीएम से 19 प्रतिबंधित पशु बरामद किए हैं। बरामद पशुओं को देवीपुरा गौशाला भेजा गया है। तीनों आरोपियों के खिलाफ गौवध और पशु क्रूरता अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कर चालान कर दिया गया। वाहन को सीज कर दिया गया है।
दोबारा तैनाती पाने वाले सिपाही पर उठे सवाल
असम पुलिस चौकी पर तैनात दो सिपाहियों पर पशु तस्करी कराने और वाहनों से अवैध वसूली करने के आरोप लगे थे। इस पर प्रभारी निरीक्षक ने सिपाहियों को हटाते हुए एक को भिखारीपुर व दूसरे को पूरनपुर गेट पुलिस चौकी भेजा था। पहले सिपाही ने भिखारीपुर पुलिस चौकी पर अपनी आमद दर्ज करा ली थी, जबकि दूसरा सिपाही छुट्टी लेकर चला गया था। छुट्टी से वापस आने पर दो दिन पहले सिपाही को फिर असम पुलिस चौकी पर तैनात कर दिया गया। सिपाही के तैनात होने के बाद शुक्रवार को पशुओं से भरी डीसीएम पकड़ ली गई। इससे सिपाही एक बार फिर सवालों के घेरे में आकर खड़ा हो गया है। प्रभारी निरीक्षक बृजेश सिंह ने बताया कि सिपाही को चौकी से हटाकर अन्यत्र तैनात किया जाएगा।