सर्राफ अनिल अग्रवाल हत्याकांड मामले में पुलिस द्वारा पूर्व में गिरफ्तार
कर जेल भेजे गए साजिशकर्ता के बयानों के आधार पर विवेचना के दौरान पुलिस
ने जिन चार लोगों को हत्यारोपी के रूप में नामजद किया था उनमें शामिल भजन
सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार कर गुरुवार को कोर्ट के लिए उसका चालान कर दिया।
नगर
के मोहल्ला चौक में 11 नवंबर को सर्राफ व्यापारी अनिल अग्रवाल की सशस्त्र
बदमाशों ने लूट में असफल होने पर गोली मारकर हत्या कर दी थी। सर्राफ के
पुत्र ने अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शुरू में
पुलिस ने लूट के इरादे से घटना को अंजाम देने की बात से इंकार किया।
बाद
में उसे लूट के इरादे से घटना को अंजाम देना बताते हुए तीस दिसंबर को
सेहरामऊ उत्तरी थाना क्षेत्र के गांव बागर के पूर्व प्रधान राजेंद्र सिंह
उर्फ रज्जू को गिरफ्तार कर चालान भेजा दिया। पुलिस ने इसे ही मुख्य
साजिशकर्ता बताया।
इससे पहले पुलिस मृतक की पत्नी के मोबाइल पर आए एक
मैसेज को आधार बनाकर उससे हत्यारोपियों तक पहुंचने की बात कहती रही, लेकिन
बाद में उस मैसेज का भी जिक्र छोड़ दिया। साजिशकर्ता के आरोप में चालान
भेजे गए पूर्व प्रधान के बयान के आधार पर हजारा थाना क्षेत्र के गांव
सिद्धनगर के सर्वजीत सिंह उर्फ बिल्लू, बाजार घाट के भजन सिंह उसके भाई
जागीर सिंह और लखीमपुर खीरी थाना के सिंगाई फार्म निवासी शातिर बदमाश बग्गा
सिंह को हत्यारोपी बनाया मगर किसी को गिरफ्तार नहीं कर सकी।
पुलिस ने
कोर्ट के आदेश पर 14 फरवरी को आरोपियों के गांव में पहुंच कर उनके घरों पर
कुर्की का नोटिस चस्पा किया था। इंस्पेक्टर धर्मपाल सिंह ने बताया कि इनमें
से भजन सिंह को बुधवार को रेलवे स्टेशन के पास से गिरफ्तार कर लिया गया
है। उसका गुरुवार को कोर्ट के लिए चालान कर दिया गया। पुलिस के सभी
हत्यारोपियों का आपराधिक इतिहास भी है।