एक माह बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं।
सर्राफ अनिल अग्रवाल की 11 नवंबर को सरेशाम चार सशस्त्र ढाटा बांधे बदमाशोें ने उनकी दुकान पर गोली मार कर हत्या कर दी थी। बाद में वे तमंचे लहराते हुए भाग गए थे। पुलिस ने व्यापारी के पुत्र अभय अग्रवाल की ओर से चार बदमाशों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। घटना के खुलासे को लेकर व्यापारी नेताओं ने पुलिस को 72 घंटे का अल्टीमेटम दिया था। व्यापारियों के दबाव में आई पुलिस ने तब आनन-फानन में कई संदिग्ध लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की पर नतीजा सिफर रहा।
संगठनों का संघर्ष ज्ञापन तक सीमित
दो व्यापारी गुटों में आपसी मनमुटाव के चलते व्यापारी संगठन भी बड़ा आंदोलन करने से भी कतराते रहे। उनकी लड़ाई सिर्फ ज्ञापन तक सिमट कर रह गईं। जिसके बाद शीघ्र खुलासे का दावा कर रही पुलिस के सुर भी बदल गए। जांच की रफ्तार भी धीमी हो गई। यही वजह है कि एक माह बाद भी घटना का खुलासा नहीं हो सका है।
अब सुराग हाथ लगने का दावा
इंस्पेक्टर धर्मपाल सिंह ने घटना के खुलासे को कुछ सुराग हाथ लगने का दावा करते हुए एक बार फिर शीघ्र खुलासे की बात कही है। उन्होंने बताया कि घटना को क्षेत्र के एक ऐसे बदमाश ने अपने गिरोह के सदस्यों के साथ अंजाम दिया है, जो पीलीभीत के अलावा लखीमपुर खीरी में भी लूट की घटनाओं को अंजाम दे चुका है। बदमाश लूट के इरादे से आए थे। व्यापारी के पहचानने पर बदमाशों ने व्यापारी की हत्या की है। उन्होंने बताया कि बदमाश को पूछताछ को बुलाया गया था, लेकिन नहीं आया। अब उसका मोबाइल भी बंद है। शीघ्र ही उसको गिरफ्तार कर घटना का खुलासा होगा।
मैसेज को लेकर अब भी उलझी है पुलिस
पुलिस ने बताया कि सर्राफ के अंतिम संस्कार के समय व्यापारी के मोबाइल से ‘थैक्स’ का एक मैसेज नगर के एक साइकिल व्यापारी के मोबाइल पर पास हुआ था। यह मैसेज किसने व क्यों किया? इसे लेकर पुलिस अभी भी उलझी हुई है। संबंधित व्यापारी से भी पुलिस बात कर चुकी है।