पुराने जेल अधीक्षक से सरकारी बंगला कैसे खाली कराया जाए ? यह सवाल मौजूदा
जेल अधीक्षक एचआर दोहरे को परेशान कर रहा है। अधीक्षक को एक आवास की दरकार
है लेकिन उनका सरकारी बंगला अब तक खाली नहीं हुआ है। बंगले में विभाग से
निलंबित चल रहे पुराने जेल अधीक्षक आरके त्रिपाठी अभी रह रहे हैं। मजबूरन
अधीक्षक को डिप्टी जेलर के आवास में रहना पड़ रहा है।
बता दें कि 30
सितंबर को जिला जेल गेट से तमंचा लहराते हुए आजीवन कारावास के दो कैदी अजय
उर्फ दद्दा तिवारी और गोला क्षेत्र का रविंद्र लोध फरार हो गए थे। इसके बाद
जेल अधीक्षक आरके त्रिपाठी और डिप्टी जेलर एके मिश्रा को निलंबित कर किया
गया था। हालांकि बाद में डिप्टी जेलर बहाल हो गए थे लेकिन अधीक्षक को अभी
बहाल नहीं किया गया है। नए अधीक्षक के रूप में एचआर दोहरे की तैनाती हुई
लेकिन चार महीनों में उन्हें सरकारी बंगला नहीं मिला। अधीक्षक एचआर दोहरे
ने दो महीने पहले इस बाबत आईजी से लेकर डीआईजी कारागार तक शिकायत की लेकिन
अभी तक बंगला खाली करने के संबंध में कोई दिशा-निर्देश नहीं आया है। ऐसे
में मौजूदा अधीक्षक जेल परिसर में ही बने एक डिप्टी जेलर के आवास में रहने
को मजबूर हैं।
जेल अधीक्षक खीरी एचआर दोहरे ने बताया कि मैं चार महीने से आवास को लेकर भटक रहा
हूं। इस संबंध में आईजी, डीआईजी को भी पत्र भेजा लेकिन अभी कोई निर्देश
नहीं आया है। ऐसे में मैं असुरक्षित तरीके से रह रहा हूं। सुरक्षा तो
छोड़िए, एक सिपाही के अलावा अन्य कोई कर्मी हमारे पास नहीं है।