थाना बीसलपुर के गांव कंधरापुर निवासी कुलदीप की दिवाली जमानत मंजूर होने के बाद भी जेल में ही मनेगी। दरअसल विवेचक की लापरवाही से गलत धाराओं में जमानत हो गई। स्पेशल जज एससीएसटी एक्ट जयप्रकाश पांडेय ने इस लापरवाही पर आरोपी दरोगा बीसलपुर में तैनात एसएस यादव को 16 नवंबर को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में तलब किया है।
थाना बीसलपुर के गांव कंधरापुर निवासी कुलदीप के खिलाफ थाना बीसलपुर में नाबालिग बालिका के साथ छेड़छाड़ आदि धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ था। पुलिस ने आईपीसी की धाराओं के साथ पाक्सो अधिनियम की धाराएं भी लगाई थीं। इस केस में पुलिस पाक्सो अधिनियम की धारा 7/8 में ही पूरी विवेचना करती रही। आरोपी का इसी धारा में रिमांड लेती रही।
जिला अदालत से जमानत खारिज होने के बाद हाईकोर्ट से इन्हीं धाराओं से जमानत हो गई। विवेचक ने केस डायरी के 10वें पर्चे में यह लिख दिया कि भूलवश धारा 7/8 में जांच होती रही। असल धारा 3/4 है और इसी धारा में आरोप पत्र भेज दिया। दरोगा एसएस यादव की लापरवाही और कर्तव्यहीनता को स्पेशल जज एससीएसटी एक्ट ने गंभीरता से लिया है। उन्होंने दरोगा को कारण बताओ नोटिस भेजकर 16 नवंबर को कोर्ट में तलब किया है। इधर धारा बदल जाने के कारण जमानत मंजूर होने के बाद भी कुलदीप जेल में ही रहेगा।