कई महीने से पुलिस की
नाक में दम करने वाला गैंग आखिरकार सुनगढ़ी पुलिस के हाथ चढ़ गया। पुलिस ने
सर्विलांस की मदद से दो चोरों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में चोरों ने
सुनगढ़ी क्षेत्र के तीन बंद मकानों व व शहर कोतवाली के एक घर में चोरी की
वारदात करने की बात कबूल की है। पुलिस ने तीनों घटनाओं में चोरी गया जेवर,
कपड़े, मोबाइल आदि सामान बरामद होने का दावा किया है।
प्रभारी निरीक्षक
बृजेश सिंह ने बताया कि सोमवार की शाम मुखबिर की सूचना पर एसएसआई अमित
कुमार सिंह व सर्विलांस प्रभारी सत्येंद्र सिंह ने रामलीला रोड पर तालाब के
किनारे जिले के थाना गजरौला के गांव सराय सुंदरपुर निवासी मयंक व विनय
शुक्ला को एक थैले के साथ दबोच लिया। तलाशी के दौरान थैले में सोने-चांदी
के कुछ गहने, कपड़े आदि बरामद हुए।
आरोपियों ने बताया कि उन्होंने पांच
फरवरी 15 को शहर से सटे गांव नौगवा पकड़िया निवासी जितेंद्र कुमार, 25
मार्च को ट्रांसपोर्टनगर कांशीराम कॉलोनी निवासी आशीष कुमार मिश्रा व रणजीत
सिंह कॉलोनी निवासी अमित पांडेय के घर लाखोें की चोरी की थी। इसके अलावा
शहर कोतवाली के मोहल्ला अवधनगर कॉलोनी निवासी पवन मिश्रा के घर से मोबाइल,
गैस सिलेंडर आदि चोरी कर ले गए थे। चाराें घटनाएं बंद पड़े मकानों में हुईं
थी। पुलिस ने चोरों के कब्जे से चोरी की घड़ी, अंगूठी, दो मोबाइल, झुमकी,
पायल व कपड़े बरामद किए हैं। पीड़ितों ने माल की शिनाख्त भी की है। पुलिस
ने दोनों आरोपियों का चालान कर दिया है।
मयंक रिक्शा चलाकर करता था रैकी
प्रभारी
निरीक्षक बृजेश सिंह ने बताया कि इस चोर गिरोह का सरगना पकड़े गए आरोपी
विनय शुक्ला का भाई राजेंद्र शुक्ला है। दूसरा आरोपी मयंक शहर में रिक्शा
चलाकर बंद मकानों की रैकी करता था। बाद में विनय और राजेंद्र को बुलाकर
घटना को अंजाम देता था। पुलिस राजेंद्र को पकड़ने के लिए छापेमारी कर रही
है, लेकिन अभी तक वह हाथ नहीं लग सका। उन्होंने बताया कि राजेंद्र को
गिरफ्तार करने के लिए पुलिस ने खटीमा के एक स्थान पर दबिश दी, लेकिन वह हाथ
नहीं लगा।