गांव वीरखेड़ा निवासी 60 वर्षीय रमाकांत की हत्या एक हजार रुपये न देने पर की गई थी। पुलिस ने हत्यारोपी थाना व कसबा माधोटांडा निवासी बसरुद्दीन को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त बांका बरामद होने का दावा किया है।
कॉलोनी नंबर दो निवासी रमाकांत बराही जंगल से सटे गांव मझारा निवासी प्रताप सिंह के फार्म की रखवाली करता था। आठ अगस्त को दिन में बराही जंगल में ले जाकर अज्ञात युवक ने उनकी धारादार हथियार से हत्या कर दी थी। पुलिस ने बेटे रामू प्रसाद की ओर से अज्ञात के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू की।
सोमवार को पुलिस ने थाना व कसबा माधोटांडा निवासी बसरुद्दीन को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की तो उसने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। एसओ विवेक त्रिवेदी के मुताबिक पूछताछ के दौरान हत्यारोपी बसरुद्दीन ने पुलिस को बताया कि उसके पिता नसरुद्दीन पहले मझारा फार्म निवासी जस्सा सिंह के फार्म पर मजदूरी करते थे। छह महीने पहले वह परिवार के साथ मजदूरी करने देहरादून चले गए।
छह दिन पहले वह (बसुरुद्दीन) लौटकर घर आया था। उसने जस्सा के घर जाकर नौकरी पर रखने को कहा, लेकिन जस्सा ने जरूरत न होने की बात कहकर इंकार कर दिया था। फार्म से वापस लौटते समय वह प्रताप सिंह के फार्म पर रखवाली कर रहे रमाकांत के पास पहुंचा और बैठकर गाजा पिया। बाद में उन्हें बेंत कटवाने के बहाने जंगल लाया।
उसने रमाकांत से एक हजार रुपये मांगे। रमाकांत के इंकार करने पर आरोपी ने बांके से उस पर पर प्रहार कर दिया और एक हजार रुपये लेकर भाग निकला था। पुलिस ने हत्यारोपी बसरुद्दीन की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त बांका बरामद करने का दावा किया है। एसओ ने बताया कि मंगलवार को हत्यारोपी का चालान भेजा जाएगा।