पीलीभीत। सोमवार दोपहर तारीख लेने आए एक युवक की कचहरी परिसर में पिटाई कर दी गई। उसकी चोटी खींचकर अभद्रता की गई। लोगों को जब इसकी जानकारी हुई तो हंगामा खड़ा हो गया। अभद्रता करने वाले लोगों के दूसरे समुदाय के होने से मामले ने तूल पकड़ लिया। सूचना पर एएसपी, सीओ सिटी दो थानों की फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। इसके बाद निर्माणाधीन बिल्डिंग में छिपे सभी आरोपियों को हिरासत में लिया गया। कोतवाली ले जाने के बाद पीड़ित समेत सभी 12 लोगों के खिलाफ शांतिभंग करने के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कर उनका चालान कर दिया गया।
मामला सोमवार करीब दो बजे का है। पूरनपुर निवासी संतोष गिरि तारीख लेने कोर्ट पहुंचे थे। वह कचहरी परिसर में निर्माणाधीन बिल्डिंग के पास लगे हैंडपंप पर पानी पीने गए तभी वहां काम कर रहे दूसरे समुदाय के मजदूरों ने उसके धर्म पर टिप्पणी करते हुए पानी पीने से रोक दिया। युवक ने विरोध किया तो इन लोगों ने उसकी चोटी पकड़कर खींच ली और फिर पिटाई कर दी। बीच बचाव करने पहुंचे कई अन्य लोगों से भी अभद्रता की गई। शोरशराबे पर संतोष के पक्ष में लोग इकट्ठा हुए तो आरोपी निर्माणाधीन बिल्डिंग में जाकर छिप गए। मामला दो समुदायों से जुड़ा होने से तूल पकड़ गया। माहौल बिगड़ते देख एएसपी रोहित मिश्रा, सीओ सिटी धर्म सिंह मार्छाल सुनगढ़ी और कोतवाली पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने निर्माणाधीन बिल्डिंग में छिपे आरोपियों को हिरासत में ले लिया। पुलिस संतोष के साथ सभी आरोपियों को कोतवाली ले गई। वहां पीड़ित संतोष और 11 मजदूरों के खिलाफ पुलिस ने शांतिभंग करने के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कर ली और उनका चालान कर दिया।
संतोष का पक्ष लेने वाले मजदूरों को भी बना दिया आरोपी
संतोष की चोटी खींचकर उसके धर्म पर टिप्पणी करते हुए जब दूसरे समुदाय के मजदूर उससे मारपीट कर रहे थे तो संतोष के समुदाय के श्रमिकों ने उसका पक्ष लेते हुए बीच-बचाव करने की कोशिश की। कुछ और लोग भी संतोष के पक्ष में आ खड़े हुए लेकिन पुलिस ने मामला दो समुदायों के बीच का न लगे, इसलिए इन लोगों को भी आरोपियों में शामिल कर लिया।
मेडिकल में नहीं हुई पुष्टि, पुलिस कह रही शराब पिए था संतोष
पुलिस ने हिरासत में लेने के बाद संतोष और आरोपियों का जिला अस्पताल में मेडिकल परीक्षण कराया। पुलिस का कहना था कि विवाद संतोष के शराब के नशे में होने की वजह से हुआ था, लेकिन मेडिकल में संतोष के शराब पीने की पुष्टि नहीं हुई। मेडिकल में किसी के चोटें भी नहीं पाई गईं।
छह लोगों ने की थी संतोष से मारपीट, पुलिस ने दिखाए 11
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, संतोष के हैंडपंप पर पानी पीने जाने के दौरान निर्माणाधीन बिल्डिंग में काम कर रहे लखीमपुर के मजदूर जहीरुल, मोहम्मद आरिफ, अयूब, शफीक, सूफियान और शकील ने अभद्रता और मारपीट की थी। शोरशराबा सुनकर न्यूरिया निवासी मजदूर नारायण, नानकचंद्र, किशन सिंह, अवधेश और लखीमपुर निवासी नीरज ने संतोष का पक्ष लेते हुए उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने इन लोगों को भी मारपीट करने वालों में शामिल कर लिया।
पानी पीने को लेकर विवाद नहीं हुआ था। संतोष शराब के नशे में था, इसलिए दोनों पक्षों में कहासुनी और मारपीट हो गई। सीसीटीवी फुटेज से इसकी पुष्टि होने के बाद दोनों पक्ष के 12 लोगों का शांतिभंग में चालान कर दिया गया है।
- धर्म सिंह मार्छाल, सीओ सिटी