आत्महत्या करने के पीछे कारणों को लेकर असमंजस बरकरार
परिवारवालों ने साधी चुप्पी, मोबाइल को लेकर छानबीन में जुटी पुलिस
सिपाही के आत्महत्या करने का मामला
पांच साल पहले जेल पुलिस में भर्ती हुए सिपाही लव कुमार के बुधवार रात को फांसी लगाकर जान देने पर काफी छानबीन के बाद भी कोई अहम कारण निकलकर सामने नहीं आ सका है। सिपाही ने आखिर आत्महत्या करने का कदम क्यों उठाया? इसको लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
मृतक सिपाही की शादी दो साल पहले पूनम से हुई थी। उसके एक बेटा है। पत्नी और बेटा उसके साथ सरकारी आवास में साथ रहते थे। दस दिन पहले ही वह पत्नी को घर छोड़कर लौटा था। इसके बाद से कभी कोई ऐसी हरकत संज्ञान में नहीं आई, जिससे सिपाही के मन में चल रही उलझन का पता लगाया जा सके। बुधवार रात को मरने से पहले भी उसकी बातचीत पत्नी पूनम से हुई है। घटनास्थल पर पहुंचने पर पुलिस को उसके नेकर में फंसा मोबाइल मिला, जिसमें इयरफोन लगे हुए थे। एक कान में इयरफोन की लीड भी फंसी हुई थी। जिससे पुलिस यह कयास लगा रही है कि मरने से पहले उसने फंदा बनाते वक्त ही बातचीत की होगी। पुलिस के अनुसार कॉल चेक करने पर अंतिम बातचीत पत्नी पूनम से निकली है। हालांकि पत्नी का कहना है कि इस दौरान ज्यादा लंबी बातचीत नहीं हुई थी। सिर्फ परिवार को लेकर ही उसने बातचीत की और फोन काट दिया था। शायद यही कारण रहा कि सिपाही की मौत की सूचना दिए जाने पर पहले पत्नी को विश्वास ही नहीं हुआ। पुलिस के दोबारा बताने पर उसको धक्का लगा। परिवारवाले घटना को लेकर कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है। उधर पुलिस को भी आत्महत्या के पीछे के कारणों को लेकर कोई सटीक जानकारी नहीं मिली है। ऐसे में स्थिति स्पष्ट करने के लिए सिपाही का मोबाइल पुलिस की रडार पर है। उसी के सहारे कोई क्लू मिलने की उम्मीद पुलिस जता रही है। कोतवाल एसके सिंह ने बताया कि अंतिम कॉल पत्नी से बातचीत की निकली है। इसके अलावा एक बैंक का कागज भी मिला है। जिसमें उसने पत्नी पूनम को नामिनी बना गया है। हालांकि यह कागजात बैंक में जमा नहीं हो सके है। मौके पर सुसाइड नोट की काफी तलाश की गई, लेकिन कुछ नहीं मिल सका है। स्टाफ और परिवार से ही कारणों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।