पीलीभीत। फर्जी पासपोर्ट बनाए जाने के मामले में मुख्य मददगार के तौर पर प्रकाश में आए अधिवक्ता के कनाडा चले जाने के बाद उस पर कानूनी शिकंजा कसा गया है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस वापसी का इंतजार कर रही है, वहीं लुक आउट नोटिस भी जारी किया गया है। बता दें कि पूरनपुर के अलग-अलग स्थानों का पता दर्शाकर सुरजीत सिंह पुत्र जसपाल सिंह और परमजीत सिंह पुत्र कुन्नन सिंह के नाम से जुलाई व अगस्त माह में दो फर्जी पासपोर्ट बनवा लिए गए थे। जानकारी होने पर इनके तार नाडा जेल ब्रेक कांड से जुड़े होने पर हड़कंप मच गया था। पूरनपुर में दोनों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया गया। छानबीन के दौरान पूरनपुर के पंजाबी कॉलोनी निवासी अधिवक्ता नरेंद्र कुमार महल का नाम फर्जी पासपोर्ट बनवाने में अहम मददगार की भूमिका निभाने में सामने आया। इसी अधिवक्ता ने न सिर्फ साठगांठ कर जांच रिपोर्ट लगवाई, बल्कि उनकी माधोटांडा के स्कूल से फर्जी मार्कशीट और तहसील पूरनपुर से निवास प्रमाण पत्र बनवा लिया था। इसी की मदद से दोनों पासपोर्ट बनवाए गए। एक दिन पहले पुलिस ने एक अन्य मददगार शेरपुरकलां निवासी अर्जुन सिंह को पकड़कर जेल भेज दिया है। इधर अधिवक्ता आठ सितंबर से कनाडा गया हुआ है। मकान पर कोई नहीं है। ऐसे में पुलिस उसकी धरपकड़ के लिए वापसी का इंतजार कर रही है। कार्रवाई को आगे बढ़ाते हुए अधिवक्ता को लुकआउट नोटिस जारी किया गया है। जांच में यह भी सामने आया है कि पासपोर्ट की डिलीवरी भी उसी ने रास्ते में साठगांठ कर ले ली थी। एसपी कलानिधि नैथानी ने बताया कि फर्जी पासपोर्ट मामले में अहम भूमिका निभाने वाला नरेंद्र अभी कनाडा में है। उस पर भी शिकंजा कसा जा रहा है।