खेकड़ा (बागपत)
क्षेत्र के ग्राम सांकरौद से दो फरवरी से लापता किसान यशवीर का अपहरण नहीं हुआ था बल्कि उसने दस लाख रुपये कर्ज उतारने के लिए अपहरण की झूठी कहानी रची। इसमें वह सफल नहीं हुआ। पुलिस ने सोमवार की रात में उसे गढ़ी सांकरौद मार्ग से पकड़ कर मामले का पटाक्षेप किया।
दो फरवरी की सुबह क्षेत्र के ग्राम सांकरौद निवासी किसान यशवीर पुत्र दलेराम खेत में गया । इसके बाद से ही वह लापता था। वह अपने फोन से लगातार कभी स्वयं तो कभी आवाज बदलकर बदमाश बन पच्चीस लाख रुपये की फिरौती के लिए अपने भाई गुलबीर को फोन करता रहा, लेकिन वह योजना में सफल नहीं हुई। सोमवार की रात में पुलिस उसे सांकरौद गढ़ी मार्ग से पकड़कर थाने ले आई। थाना प्रभारी एसपी सिंह ने यशवीर से पूछताछ कर बताया यशवीर पर पहले करीब पच्चीस लाख रुपये कर्ज हो गया था। उस समय उसने अपनी जमीन बेचनी तय कर दी । उसके भाइयों ने चालीस लाख रुपये का उसका कर्जा चुकाकर जमीन को वापस करा लिया था। अब फिर यशवीर पर करीब दस लाख रुपये का कर्ज हो गया। इसके लिए यशवीर ने स्वयं ही अपने अपहरण की झूठी कहानी रची। दो फरवरी की सुबह से ही वह सांकरौद गढ़ी मार्ग के जंगल में रही। सर्विलांस टीम लगातार उसके मोबाइल की लोकेशन लेती रही। मोबाइल की लोकेशन वहीं पर रही। इसके चलते पुलिस ने जाल बिछाया। इसके बाद सोमवार की रात में वह पुलिस के हत्थे चढ़ गया। रात्रि भर पूछताछ करने के बाद यशवीर को परिजनों को सौंपा। उसके मिलने पर पुलिस एवं परिजनों ने राहत की सांस ली।