मई माह में हुई थी वारदात, अब कोर्ट ने की सख्ती तो लिखी
सुनगढ़ी थाना क्षेत्र के नौगवां पकड़िया गांव का मामला
पीलीभीत। ठगी और मारपीट के मामले में कानूनी कार्रवाई कराने के लिए युवक को सात महीने कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। पुलिस ने मई माह में हुई घटना को पहले जांच के नाम पर टरका दिया। अब कोर्ट के आदेश पर चार आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। ऐसे में सवाल यह है कि जिस मामले को सात महीने पहले पुलिस संदिग्ध बताकर टरका चुकी है, उसमें निष्पक्ष जांच कर कैसे कार्रवाई की जा सकेगी।
सुनगढ़ी थाना क्षेत्र के ग्राम नौगवां पकड़िया निवासी असलम खां ने बताया कि उनके गांव के निवासी अनीस, अजीत, वसीम और कामरान ने साल 2015 में शाहजी डेली कलेक्शन नाम से एक कंपनी खोली थी। इस कंपनी में रुपये दोगुना कराने का झांसा देकर पीड़ित से सौ रुपये प्रतिमाह की किस्त जमा कराई। एक अप्रैल 2015 से लगातार पीड़ित ने किस्तें जमा कीं और 36 हजार रुपये कंपनी में जमा कराए। बताई गई तिथि के तहत दो साल का समय पूरा होने पर जब पीड़ित ने अपना रुपया वापस मांगा तो टालमटोल शुरू कर दी। दो मई 2017 को अपने रुपये वापस लेने का दबाव पीड़ित ने बनाया, तो आरोपियों ने मारपीट कर भगा दिया। इसकी उसी समय थाना पुलिस से शिकायत की गई। आरोप है कि पुलिस ने जांच के नाम पर कई दिनों तक चक्कर लगवाए और बाद में बिना कोई कार्रवाई किए घटना को ठंडे बस्ते में डाल दिया। अफसरों से शिकायत करने पर भी कोई सुनवाई न होने पर पीड़ित ने कोर्ट की शरण ली। जिसके बाद कानूनी कार्रवाई की जा सकी है। कोर्ट के आदेश पर बुधवार शाम सुनगढ़ी पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और मारपीट की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।