पीलीभीत/माधोटांडा। एक दिन पूर्व पीलीभीत टाइगर रिजर्व के पर्यटन स्थल चूका स्पॉट में भाजपा जिलाध्यक्ष सुरेश गंगवार के बेटे डॉ. दक्ष गंगवार और वनकर्मियों के बीच हुई मारपीट के मामले में दूसरे दिन विभागीय स्तर पर कार्रवाई की शुरुआत कर दी गई है। डीएफओ कैलाश प्रकाश ने मुस्तफाबाद के डिप्टी रेंजर मोबीन आरिफ का तबादला दियोरिया रेंज कर दिया है।
टाइगर रिजर्व के पर्यटन सीजन के अंतिम दिन बृहस्पतिवार को चूका स्पॉट पर भाजपा जिलाध्यक्ष के बेटे डॉ. दक्ष गंगवार मित्रों के साथ सैर सपाटे को गए थे। डीएफओ की मौखिक अनुमति पर पहुंचे डॉ. दक्ष व उनके साथियों से वहां मौजूद स्टॉफ से विवाद हो गया था। इसके बाद से मामला तूल पकड़ता गया। इसकी सूचना मिलने पर डीएफओ कैलाश प्रकाश, एसडीओ केपी सिंह, जिलाध्यक्ष सुरेश गंगवार समेत कई लोग मौके पर पहुंचे थे। माधोटांडा थाने में भाजपा जिलाध्यक्ष ने मामले की तहरीर दी। जिसमें उनके बेटे के दोस्त की ओर से चार वनकर्मियों को नामजद व अज्ञात पर मुकदमा दर्ज कराया गया। इधर वन विभाग ने पूरे मामले में भाजपा जिलाध्यक्ष के बेटे के खिलाफ विभागीय स्तर पर केस काटा है। विभाग द्वारा जिलाध्यक्ष के आग्रह पर सभी को रेंज कार्यालय पर जमानत पर छोड़ दिया गया है। मामला सत्ता पक्ष से जुड़ा होने के कारण दूसरे दिन डीएफओ कैलाश प्रकाश ने डिप्टी रेंजर पर कार्रवाई की है। डिप्टी रेंजर मुस्तफाबाद मोबीन आरिफ को वहां से हटाकर दियोरिया रेंज स्थानांतरित कर दिया गया है। इसके चलते यह मामला दूसरे दिन भी चर्चा का विषय बना रहा। अधिकारी स्थिति को पूरी तरह से स्पष्ट करने से बचते दिखाई दिए।
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सोशल साइट्स पर हो रही वन विभाग की फजीहत
पीलीभीत। भाजपा जिलाध्यक्ष के बेटे से मारपीट की तस्वीरें सोशल साइट्स पर अपलोड की गई हैं। जिसके बाद से इसको लेकर चर्चा सोशल साइट्स पर भी शुरू हो गई है। हर तरफ से वन विभाग की ओर से की गई मारपीट को गलत करार दिया जा रहा है। लोगों का मानना है कि चूका स्पॉट पर अगर कोई गलत कर रहा था, तो वनकर्मियों ने मारपीट क्यों की? कानून को अपने हाथ में क्यों लिया गया? उसके खिलाफ कानूनी स्तर से कार्रवाई की जानी चाहिए थी। यह भी सवाल खड़े किए जा रहे है कि वनकर्मियों की इस तरह की हरकत के चलते ही तो कहीं टाइगर रिजर्व में पर्यटकों की संख्या कम नहीं हो रही? हर तरफ सिर्फ वनकर्मियों के मारपीट करने की निंदा जारी है। इधर दूसरे दिन डीएफओ की ओर से की गई कार्रवाई ने भी चर्चा को बल दिया है। अगर वनकर्मी गलत नहीं थे, फिर डिप्टी रेंजर पर कार्रवाई कैसे कर दी गई। इसके पीछे सत्ता के दबाव को लेकर भी चर्चाएं तेज हो रही हैं।
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वनकर्मियों ने लगाए नशे में हंगामा और मारपीट के आरोप
भाजपा जिलाध्यक्ष के बेटे की पिटाई के मामले में मुकदमा दर्ज होने के बाद दूसरे दिन शुक्रवार को वन विभाग की ओर से भी तहरीर माधोटांडा पुलिस को दी गई है। डिप्टी रेंजर मोबीन आरिफ ने पुलिस को दी तहरीर में भाजपा जिलाध्यक्ष सुरेश गंगवार के पुत्र डॉ. दक्ष गंगवार व उनके मित्रों को नामजद किया है। इसमें आरोप लगाया है कि बिना अनुमति चूका स्पाट में आने के बाद शराब पी गई। इसके बाद कैंटीन संचालक और वनकर्मियों को मारपीट कर घायल कर दिया। हालांकि अभी इसको लेकर मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है। एसएचओ मनोज कुमार त्यागी ने बताया कि तहरीर पर कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों से संपर्क जारी है। अफसरों के आदेशानुसार कार्रवाई की जाएगी।