पंचायत राज विभाग में सफाई कर्मी की नौकरी कर रहे मां और बेटे की उम्र में महज नौ साल 10 महीने के अंतर ने विभागीय अफसरों के होश उड़ा दिए। नौकरी के लिए प्रस्तुत किए गए शैक्षिक और आयु प्रमाणपत्रों के मुताबिक वर्तमान में मां की उम्र लगभग 39 साल है और बेटे की 20 साल से भी कम। मां और बेटे की उम्र में महज इतने से अंतर ने पंचायत राज विभाग में सफाई कर्मचारी की नौकरी के लिए किए गए फर्जीवाड़े की पोल खोल दी। इसके बाद हुई जांच में खुलासा हो गया कि नौकरी के लिए उम्र कम दर्शाने के लिए मां ने पांचवी पास की फर्जी मार्कशीट बनवाई थी। पंचायत राज विभाग ने महिला की सेवा समाप्त कर दी है। उसके खिलाफ फर्जीवाड़े की रिपोर्ट दर्ज कराने की कार्रवाई भी की जा रही है। इस खुूलासे से अफसर हैरत में हैं। पंचायती राज विभाग की ओर से वर्ष 2008 में पंचायत सफाई कर्मियों की भर्ती हुई थी। इसमें बरेली के नवाबगंज निवासी मुन्नी देवी पत्नी राजेंद्र कुमार एवं उसके बेटे छत्रपाल ने भी आवेदन किया था। महिला ने कक्षा पांच की अंकतालिका और उसके बेटे ने हाईस्कूल की अंकतालिका लगाई थी। नौकरी हासिल करने के बाद दोनों आवंटित ग्राम पंचायताें मेें सेवाएं दे रहे थे। इस बीच किसी ने डीएम को पत्र भेजकर महिला की अंक तालिका फर्जी होने की शिकायत की। करीब पांच माह पहले हुई यह शिकायत अब जाकर जांच में सही पाई गई। इसमें महिला की ओर से शहर के मोहल्ला खकरा स्थित बाल विकास सदन से बनवाई गई कक्षा पांच की अंकतालिका में उसकी जन्मतिथि 15 जून 1978 अंकित पाई गई जबकि उसके बेटे छत्रपाल की हाईस्कूल की अंकतालिका में उसकी आयु 18 अप्रैल 1988 दर्ज है। इस तरह मां-बेटे की उम्र में महज नौ साल 10 माह चार दिन का अंतर पाया गया, जिससे फर्जीवाड़े का सच सामने आ गया। इस पर पुन: हुई जांच में महिला की अंकतालिका फर्जी पाई गई। जांच रिपोर्ट मिलने पर डीएम ने कार्रवाई के निर्देश दिए। इस पर डीपीआरओ प्रमोद कुमार यादव ने कंजानाथ पट्टी में तैनात महिला पंचायत सफाईकर्मी मुन्नी देवी की सेवाएं समाप्त कर दी हैं। डीपीआरओ ने बताया कि सेवाएं समाप्त करने के साथ ही धोखाधड़ी करने के आरोप में एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी।