पीलीभीत। बीएसए आफिस के निलंबित लिपिक संजय सिंह की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। उनके खिलाफ दर्ज धोखाधड़ी, फर्जी अभिलेखों के आधार पर कई लोगों की नियुक्ति कराने के दो मुकदमों में शासन के आदेश पर विजिलेंस इंस्पेक्टर ने विवेचना शुरू कर दी है। उन्होंने लिपिक संजय सिंह से जुड़े मामलों के अभिलेख बीएसए से मांगे हैं। बीएसए ऑफिस में तैनात रहे लिपिक संजय सिंह को 16 नवंबर, 2017 को फर्जी अभिलेखों के आधार पर कई लोगों को नौकरी दिलाने, कर्मचारियों से अभद्रता करने और धोखाधड़ी समेत कई संगीन आरोप में निलंबित कर दिया गया था। आरोपों की जांच के बाद तत्कालीन बीएसए डॉ. इंद्रजीत प्रजापति ने निलंबित लिपिक संजय सिंह के खिलाफ दो मामले दर्ज कराए थे। उन पर आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का भी आरोप है। अब शासन ने निलंबित लिपिक संजय सिंह के खिलाफ जांच के आदेश दिए हैं। विजिलेंस की बरेली इकाई द्वारा आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की जांच शुरू कर दी गई है। विवेचक और विजिलेंस इंस्पेक्टर ने पत्र भेजकर प्रभारी बीएसए शिवेंद्र कुमार वर्मा से कई दस्तावेज मांगे हैं। इसमें संजय का नाम-पता, जन्मतिथि से लेकर उसकी तैनाती, पूर्व नियुक्तियां, विभाग में दर्शाई गई संपत्ति का विवरण समेत कई बिंदु शामिल हैं। सेवा पुस्तिका की प्रमाणित छाया प्रति भी मांगी गई है। प्रभारी बीएसए शिवेंद्र कुमार वर्मा ने बताया कि विजिलेंस बरेली इकाई का पत्र मिला है। इसमें निलंबित लिपिक से जुड़े दस्तावेज मांगे गए हैं। इनको जल्द विजिलेंस टीम को मुहैया कराया जाएगा।