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ड्राइवर-कंडक्टर का शांति भंग में चालान, बस सीज

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उझानी (बदायूं)। कादरचौक से दिल्ली तक बिना परमिट दौड़ने वाली प्राइवेट बस में महिला के बैग में रखे पर्स से नकदी समेत करीब 70 हजार रुपये के जेवरात गायब होने के मामले में पुलिस ने अंतत: जो कार्रवाई की है, वह किसी ‘खेल’ से कम नहीं दिखती। पीड़िता के पति का तो यही कहना है। पुलिस ने यह कहते हुए बस को सीज कर दिया कि कागजात नहीं थे। साथ ही शांति भंग करने की कार्रवाई के तहत ड्राइवर और कंडक्टर का चालान भी कर दिया है।
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कोतवाली क्षेत्र के गांव पलिया निवासी सत्यभान सिंह और उसकी पत्नी नीरेश के बैग से प्राइवेट बस में सफर के दौरान रविवार रात में पर्स गायब हो गया था। पर्स में सोने-चांदी के जेवरात समेत 10 हजार रुपये भी रखे थे। सोमवार सुबह नीरेश की शिकायत पर कछला चौकी पुलिस ने बस को कब्जे में लेकर ड्राइवर बुलंदशहर जिले के अहमदगढ़ निवासी सुभाष और कंडक्टर हापुड़ जिले में पिलखुआ के गांव दहपा निवासी आबिद से पूछताछ की थी। इधर सत्यभान का कहना है कि पुलिस ने पूछताछ के दौरान उससे कहा कि जेवरात कहां चोरी हुए हैं, पहले तो इसका पता लगाइए फिर रिपोर्ट लिखाना। चूंकि कादरचौक-दिल्ली रूट पर प्राइवेट बस के संचालन को कोई परमिट नहीं है, सो पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पहले तो बस को सीज किया फिर सुभाष और आबिद का शांति भंग करने की धारा के तहत चालान कर दिया। बस का मालिक गाजियाबाद जिले का निवासी बताया गया है। बता दें कि काफी समय से इसी रूट पर संचालित एक और बस से सवारी का बैग गायब हो चुका है। तब तो पुलिस ने कार्रवाई भी नहीं की थी।
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कोई तो है जो सवारियों का उड़ा रहा है माल
उझानी। बिना परमिट प्राइवेट बस से नीरेश पत्नी सत्यभान सिंह के जेवरात गायब होने के मामले में पुलिस ने भले ही ड्राइवर-कंडक्टर का शांति भंग करने में चालान कर दिया है लेकिन पुलिस को खोजबीन जरूर करनी चाहिए थी। दो बार ऐसे ही मामले सामने आने से एक बात तो साफ हो गई है कि ड्राइवर, कंडक्टर और हेल्पर न सही लेकिन कोई तो है जो रेकी करके सवारियों के माल पर हाथ साफ कर निकल जाता है।
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पूरे मामले की तहकीकात कर ली गई है। तहकीकात में अब तक स्पष्ट नहीं हो पाया है कि महिला का पर्स कहां से गायब हुआ। घटना दिल्ली के आसपास की हो सकती है। अच्छा तो यही रहेगा कि पीड़िता दिल्ली जाकर कार्रवाई कराए।
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- राकेश कुमार वर्मा, चौकी इंचार्ज, कछला
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