पीलीभीत। अफसर भले कानून व्यवस्था को मजबूत बताते हुए क्राइम कंट्रोल के दावे कर रहे हो, लेकिन धरातल की हकीकत अधिकारियों के दावों से काफी जुदा है। ताबड़तोड़ वारदातों को अंजाम देने के बाद भी सुरागरसी के नाम पर एसपी की लगाई गई टीमें खाली हाथ है। एक माह पूर्व हुई वारदात हो, या फिर 24 घंटे पहले वनकर्मी के बंद मकान में हुई चोरी का मामला। किसी में भी पुलिस एक सुराग नहीं जुटा सकी है।
एक माह के भीतर बदमाशों ने शहर से लेकर देहात तक कई ऐसी वारदातों को अंजाम दिया। जिनके खुलासे पुलिस के लिए चुनौती बने हुए है। बल्लभ नगर निवासी किराना व्यापारी रवि अग्रवाल से तमंचे के बल पर 50 हजार की नकदी दुकान से घर जाते वक्त लूटी गई। मोहल्ला आसफजान निवासी सराफ राकेश वर्मा उर्फ बब्बू से उनके मकान के गेट पर तमंचे के बल पर बदमाश 20 हजार की नकदी और सोने के जेवरात भरा बैग लूट ले गए। दो दिन पहले माधोटांडा क्षेत्र में दयालपुर पुलिस चौकी के पास पूनपपुर के रूद्रपुर निवासी दंपति से मारपीट कर बाइक, आठ हजार रुपये और जेवर लूटा गया। एक दिन पहले सोमवार को वनकर्मी सिविल लाइन मोहल्ला निवासी धर्मेंद्र कुमार के बंद मकान से करीब साढ़े तीन लाख का सामान चोर समेट ले गए। जिनकी तस्वीर मकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में भी कैद हो गई, लेकिन पुलिस ऐसा कोई क्लू नहीं जुटा सकी है। जिससे बदमाश और चोरों पर शिकंजा कसा जा सके। दो दिन पहले हुए ठेकेदार के घर 11 लाख की चोरी के वर्कआउट ने अफसरों की गंभीरता की हकीकत भी उजागर कर दी। ऐसे में लगातार घटनाओं के बाद भी बदमाशों पर शिकंजा कसता नहीं दिखाई दे रहा है।
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घटनाओं के खुलासे पर पुलिस की टीमें लगाई गई है। महिला अपराधियों की भी संलिप्तता सामने आ रही है। ऐसे में इस बिंदु पर भी निगेहबानी कराई जा रही है, जल्द सफल परिणाम सामने आएंगे।
- कलानिधि नैथानी