तिहरे हत्याकांड में दो को आजीवन कारावास, जुर्माना
क्रासर....
साक्ष्य के अभाव में तीन बरी
अमर उजाला ब्यूरो
पीलीभीत। सत्र न्यायाधीश दिनेश कुमार सिंह ने थाना गजरौला के गांव शिवनगर में चार साल पहले हुए तिहरे हत्याकांड के दो आरोपियों को दोषी पाकर सश्रम आजीवन कारावास और प्रत्येक को 1.5 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। एक आरोपी वीरेश को शस्त्र अधिनियम में भी चार साल की सजा और 50 हजार रुपये जुर्माना सुनाया गया है। साक्ष्य के अभाव में तीन आरोपियों को दोषमुक्त किया गया है।
थाना गजरौला पर ग्राम शिवनगर निवासी ओमकार ने 17 मार्च 2014 को रिपोर्ट दर्ज कराई। इसके अनुसार 16 मार्च को उनका बड़ा भाई नत्थूलाल व संतराम गांव के ही जितेंद्र के साथ खेत पर फसल रखाने गए थे। सुबह गांव का राकेश खेत देखने जा रहा था। गांव के बाहर सड़क किनारे उसने नत्थूलाल, संतराम व जितेंद्र के सने पड़े शवों को देखा। राकेश के बताने पर वादी व उसके घर वाले मौके पर गए। वहां देखा तो तीनों की गोली मारकर हत्या की गई है। गांव के रणधीर ने बताया कि 10-11 बजे उसने चार पांच लोग पाकड़ के पेड़ के पास देखे थे जिसमें डालचंद्र, बुद्धसेन, वीरेश पाल सुरेंद्र एवं फारेस्ट गार्ड मंगली थे। वीरेश बंदूक लटकाए थे। शाम को वीरेश सुरेंद्र व मंगली बाइक से डालचंद्र के घर गए थे। रात में वादी के घर भी आए थे। संतराम और नत्थूलाल को भी पूछ रहे थे। रिपोर्ट के अनुसार रात करीब 11 बजे होलिका दहन के बाद दिनेश, विजय कुमार व भगवानदास ने इन लोगों को जंगल की तरफ जाते देखा था। डालचंद्र आदि फॉरेस्ट गार्ड मंगली के साथ रहकर चोरी से लकड़ी कटवाते हैं जिसका जितेंद्र आदि विरोध करते थे। इसी कारण आरोपियों ने तीनों की गोली मार कर हत्या कर दी। पुलिस ने नामजद रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना की। इसमें बुद्धसेन, सुरेंद्र और मंगली प्रसाद को घटना में लिप्त नहीं पाया गया। वीरेश पाल ठाकुर और डालचंद्र के विरूद्ध आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल हुआ। मामले की सुनवाई के बाद राज्य सरकार की अर्जी पर बुद्धसेन, सुरेंद्र और मंगली प्रसाद को भी अभियुक्त के रूप में कोर्ट में तलब किया गया था। वीरेश पाल के पास से उसकी लाइसेंस बंदूक भी बरामद की गई। शासकीय अधिवक्ता अमित पाठक ने कोर्ट में राज्य सरकार की ओर से पैरवी की। मामले की सुनवाई के बाद सत्र न्यायाधीश दिनेश कुमार सिंह ने वीरेशपाल व डालचंद्र को दोषी पाकर सश्रम आजीवन कारावास और प्रत्येक को 1.50-1.50 लाख रुपये अर्थदंड से दंडित किया है। वीरेश को शस्त्र अधिनियम में चार वर्ष के सश्रम कारावास और 50 हजार के अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड वसूल होने पर 1.50 लाख रुपये क्षतिपूर्ति के रूप में तीन मृतकों के आश्रितों को बराबर बराबर दिए जाएंगे।