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ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन तो चौकी बंद कर भागे वनकर्मी

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प्रदर्शन - फोटो : अमर उजाला
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पुलिस ने कराया शांत, शव पोस्टमार्टम को भेजा
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किशोर की संदिग्ध हालत में मौत का मामला, वनकर्मियों पर है आरोप


पूरनपुर/घुंघचाई। साथियों संग जंगल में रविवार दोपहर डेढ़ बजे लकड़ी बीनने गए कोतवाली क्षेत्र के सिमराया गांव निवासी 15 वर्षीय उत्तम का संदिग्ध परिस्थितियों में रात को दियोरिया रेंज के जंगल से सटे एक गड्ढे में शव मिलने के बाद वनकर्मियों पर लग रहे हत्या के आरोपों को लेकर दूसरे दिन सोमवार सुबह ग्रामीणों और परिवार वालों का गुस्सा सड़क पर दिखाई दिया। एकत्र ग्रामीणों ने गांव में प्रदर्शन कर वन कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी गई। ग्रामीणों के आक्रोश को देख दियोरिया वनचौकी के कर्मचारी चौकी बंद कर निकल गए। पुलिस ने परिवार वालों से बातचीत कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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किशोर का जंगल से सटे हरदोई नहर ब्रांच के पास शव मिलने के बाद रविवार रात को परिवार वालों को निष्पक्ष कार्रवाई का भरोसा दिलाकर पुलिस ने शांत कराया था। इस बीच सोमवार सुबह गांव के लोगों ने किशोर की मौत वनकर्मियों की पिटाई से होने की बात कहते हुए कार्रवाई की मांग शुरू कर दी। एकत्र हुए ग्रामीणों ने प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी की। उन्होंने मांग की कि वनकर्मियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की जाए। इधर पुलिस ने किशोर के परिवार वालों से बातचीत की। जिसमें यह भरोसा दिलाया गया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। उधर ग्रामीण प्रदर्शन कर वनकर्मियों पर कार्रवाई की मांग करते रहे। प्रदर्शन करने वालों मेें विनोद, सुरेश, श्रीपाल, कुलविंदर, केदारनाथ, कोमल सिंह, हीरा सिंह, धर्मपाल, बांकेलाल, धर्मेंद्र आदि थे। गांव के लोगों के प्रदर्शन को लेकर वनकर्मी चौकी से दूर रहे।
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किशोर के पिता लालता प्रसाद की ओर से घटना को दर्ज किया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट अभी नहीं मिली है। पीएम रिपोर्ट के आधार पर अग्रिम कार्रवाई होगी।
इंद्रमोहन बडौला , कार्यवाहक कोतवाल पूरनपुर

पूरे मामले की जांच कराई जा चुकी है। इसमें किसी तरह की मारपीट वन विभाग की ओर से नहीं की गई है। वनकर्मियों पर लगाए जा रहे आरोप पूरी तरह से गलत हैं।
केपी पांडे, रेंजर (दियोरिया रेंज)
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