भारत सरकार ने 31 मार्च 2017 को लगा दी थी रोक
पीलीभीत। यदि आप शस्त्र धारक हैं और अभी तक शस्त्र का डाटा ऑनलाइन नहीं कराया है तो शासन ने एक मौका और दिया है। इस पर लगी रोक भारत सरकार ने हटा ली है जिससे डाटा ऑनलाइन करने की प्रक्रिया पुन: प्रारंभ कर दी गई है।
शासन ने शस्त्र धारको का डाटा ऑनलाइन करने के लिए एनएडीएल वेबसाइट तैयार की है जिसपर पिछले करीब दो वर्ष से शस्त्र धारकों का डाटा ऑनलाइन किया जा रहा है। 31 मार्च 2017 तक चली इस प्रक्रिया में जिले के कुल 17406 शस्त्र धारकों में से 11526 शस्त्र धारकों ने अपना डाटा ऑनलाइन करा दिया था। इससे करीब 5800 शस्त्र धारक शेष रहे गए थे। इन सभी को अवैध शस्त्र घोषित करने की तैयारी थी लेकिन शासन से कोई गाइड लाइन न आने के चलते मामला अटक गया। इस दौरान डाटा ऑनलाइन न कराने वाले किसी भी शस्त्र धारक के लाइसेंस का न तो नवीनीकरण हुआ और न ही इन्हें कारतूस आदि दिए गए। अब भारत सरकार ने इस प्रक्रिया पर लगी रोक को एक बार हटाकर वेबसाइट को खोल दिया है। डॉटा ऑनलाइन कराने से वंचित शस्त्र धारक किसी भी कार्य दिवस में शस्त्र कार्यालय आकर डाटा ऑनलाइन करा सकते हैं। प्रभारी डीएम/ एडीएम बृजकिशोर ने बताया कि एनएडीएल की वेबसाइट खोल दी गई है। वंचित शस्त्र धारक अपने शस्त्र का डाटा ऑनलाइन करा सके हैं।
देश में कहीं भी दिख सकेगी शस्त्र की डिटेल
शस्त्र लाइसेंस का डाटा एनएडीएल वेबसाइट पर ऑनलाइन हो जाने से देश में कहीं भी शस्त्र और शस्त्र धारक का डाटा देखा जा सकेगा। दरअसल डाटा ऑनलाइन कराने समय कंप्यूटर में डिटेल भरने के बाद कंप्यूटर स्वयं एक यूनिक आईडी नंबर जारी करता है जो शस्त्र धारक की लाइसेंस पुस्तिका पर अंकित किया जाता है। इसी नंबर से शस्त्र संबंधी समस्त जानकारी वेबसाइट पर देखी जा सकती है।