पीलीभीत। आपराधिक घटनाओं के बाद मौके पर पहुंचकर सुराग जुटाने के लिए पुलिसकर्मियों को किस तरह से काम करना है। इसके बारे में सुनगढ़ी थाना पर फील्ड यूनिट टीम ने डेमो के जरिए जानकारी दी। प्रयोगात्मक तरीके से पुलिस को बारीकी से इसके बारे में समझाया गया।
अमूमन देखा जाता है कि हत्या, लूट, चोरी, डकैती, रेप आदि घटनाओं में पुलिस मौके पर पहुंचने के बाद औपचारिक कार्रवाई कर लौट आती है। न तो यलो टेप प्रयोग न ही अन्य संशोधनों का इस्तेमाल थाना स्तर पर पुलिसकर्मी करते है। यही कारण है कि साक्ष्य के अभाव में वर्कआउट न होने पर वारदात को फर्जी साबित करने में जुटी रहती है। वैसे तो थानों को मुहैया कराए गए यलो टेप और किट के इस्तेमाल को लेकर अफसर खासा दिशा निर्देश दे चुके है, लेकिन धरातल पर इनका इस्तेमाल नहीं होता। शनिवार को एक बार फिर मातहतों को घटनास्थल से सुराग जुटाने का ज्ञान देते हुए फील्ड यूनिट के एक्सपर्ट सुनगढ़ी थाना परिसर में डेमो कर जानकारी देने में जुटे रहे। काल्पनिक तौर पर हत्या का घटनास्थल तैयार कर पुलिस को काम करने का तरीका बताया गया।