पीलीभीत। गोकशी पर शिकंजा कसने के लिए एसपी ने कार्रवाई तो दागी पुलिसकर्मियों पर खुद को बचाने के लिए नेताओं की शरण में पहुंच गए। अपने बचाव में उनसे सिफारिशें लगवा रहे हैं। हालांकि मामला गोकशी से जुड़ा होने के कारण अभी उनकी एक न चल सकी है। सूत्रों की माने तो ऐसे दागी पुलिसकर्मियों पर शिकंजा और कसा जाएगा। जिले में गोकशी की घटनाएं बीते दिनों तेजी से बढ़ीं। अफसर कार्रवाई के निर्देश देते रहे, लेकिन थाना स्तर से कोई कार्रवाई नहीं हुई। प्रभारी मंत्री मुकुट बिहारी वर्मा, शहर विधायक संजय सिंह गंगवार ने सीधे तौर पर पुलिस की मिलीभगत से गोकशी होने की बात कही। पुलिस पर सवाल उठने पर बुधवार को एसपी मनोज कुमार सोनकर ने शहर कोतवाल एसके उपाध्याय, दो दरोगा को लाइन हाजिर और दो सिपाहियों को निलंबित कर दिया था। इन पर गोकशी की रोकथाम में लापरवाही और संलिप्तता का आरोप था। कार्रवाई को अभी 24 घंटे नहीं बीत सके थे कि पुलिसकर्मी राहत पाने के लिए नेताओं की सिफारिश लगवाना शुरू कर दिया। एक सिपाही ने जिले के एक पुलिस अधिकारी पर जनप्रतिनिधि से सिफारिश कराकर दबाव बनाने की कोशिश की तो वहीं एक अन्य पुलिसकर्मी की सिफारिश में एक हिंदू संगठन के नेता पहुंच गए। उनको अभयदान देने के लिए दबाव भी बनाया और गुजारिश भी की। सूत्रों की मानें तो उनकी एक न चल सकी है। उधर, तस्कर भी पुलिस पर दबाव बनाने का पूरा प्रयास कर रहे हैं।
यूपी 100 के चार सिपाहियों से जवाब तलब
बरखेड़ा के गाजीपुर कुंडा गांव में हुई गोकशी की घटना को लेकर एसपी ने घटना की रात गश्त की जिम्मेदारी संभाल रही यूपी 100 के दो वाहनों पर तैनात चार सिपाही अवधेश कुमार, कुंवरपाल, प्रदीप कुमार और ओमपाल का जवाब तलब किया है। इनका जवाब संतोषजनक नहीं हुआ तो 15 दिन के वेतन की कटौती के साथ ही विभागीय कार्रवाई तय है।
धरपकड़ को दबिश जारी, कई हिरासत में
गोमांस तस्करों की धरपकड़ के लिए पुलिस की छापामारी जारी है। पुराने और जेल से छूटकर निकले तस्करों के घर दबिशें दी जा रही हैं। बीते दिनों हुई घटना के खुलासे में जुटी बरखेड़ा पुलिस ने बृहस्पतिवार को भी एसओ आलोक मिश्र की अगुवाई में कई जगह छापामारी की। इस दौरान कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
मुखबिर तंत्र खो चुकी खाकी अब पब्लिक के सहारे
यह कहना गलत नहीं होगा कि सर्विलांस पर निर्भर होने के बाद पुलिस अपने नेटवर्क को खो चुकी है। पहले फील्ड में पुलिस की पकड़ थी, कहीं न कहीं कमजोर है। यही वजह है कि चोरी, दुष्कर्म, हत्या जैसी घटनाओं में सुराग नहीं मिल पाते। अब गोकशी को लेकर भी कुछ इसी तरह से पुलिस को साक्ष्य के लिए परेशान होना पड़ रहा है। यही वजह है कि अब पुलिस गोमांस तस्करों की जानकारी जुटाने के लिए गांव-गांव बैठक कर सूचना मांग रही है।
डिजिटल वालंटियर ग्रुप पर सूचना एक नहीं, फजीहत बार-बार
पुलिस का जनता से सामंजस्य बना रहे। सूचना मिलने में कोई दिक्कत न आए। इसके लिए हर थाना स्तर पर डिजिटल वालंटियर ग्रुप बनाए गए थे। यह ग्रुप अभी भी चल रहे हैं। सूचनाओं के आदान-प्रदान के मकसद से बनाए गए इन ग्रुप सिर्फ पुलिस की फजीहत की वजह बन रहे हैं। ये सिर्फ बेवजह की चेटिंग और गुड-मॉर्निंग, गुड-नाइट करने तक सीमित हैं। बीते दिनों आपत्तिजनक वीडियो भी इसमें पोस्ट कर दी गई थी।
जिले में गोकशी किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होगी। सभी सर्किल और थानाध्यक्षों को इसको लेकर संजीदा होकर ड्यूटी करने को कहा है। लापरवाह पुलिसकर्मियों को कोई छूट नहीं दी जाएगी। अगर अब कहीं गोकशी सामने आती है, तो थानाध्यक्ष पर कार्रवाई होगी। - मनोज कुमार सोनकर, एसपी