बीसलपुर। डायट प्राचार्य ने अनुशासनहीनता के आरोप लगाते हुए गुरुवार को डीएलएड 2017 के पांच प्रशिक्षार्थियों को निष्कासित कर दिया है। जिसके बाद मामला तूल पकड़ गया। डीएलएड 2018 के कुछ प्रशिक्षार्थियों ने इसे तानाशाही बताते हुए प्राचार्य का पुतला फूंका।
जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) के प्राचार्य पीआर गुप्ता ने बताया कि 27 अप्रैल को डायट के कुछ डीएलएड प्रशिक्षार्थियों ने प्रैक्टिकल में कम नंबर दिए जाने का आरोप लगाते हुए उनके कक्ष में घुसकर उनसे गाली गलौज, मारपीट की थी। जान से मारने नीयत से उनका गला दबाया, तोड़फोड़ और अभिलेख फाड़ दिए थे। मामले में रिपोर्ट भी दर्ज कराई गई थी। जिसमें डीएलएड 2017 के प्रशिक्षार्थी केशव वर्मा, राजकिरन, अंकित गंगवार, राहुल गंगवार और संजय कुमार नामजद हैं। इसके अलावा 40-50 अज्ञात आरोपी हैं। विभागीय अधिकारियों से अनुमति लेने के बाद कोतवाली में दर्ज कराई रिपोर्ट में नामजद डीएलएड 2017 के पांचों नामजद प्रशिक्षार्थियों को गुरुवार को निष्कासित कर दिया गया है। उनके निष्कासन की सूचना डायट के नोटिस बोर्ड पर चस्पा कर दी गई है। इधर, प्रशिक्षार्थियों का निष्कासन किए जाने की खबर मिलते ही डीएलएड 2018 के कुछ प्रशिक्षार्थियों ने प्राचार्य के निर्णय को तानाशाही करार दिया।
कार्य दिवस में डायट परिसर में प्रदर्शन करना भी एक तरह की अनुशासन हीनता है। प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षार्थियों की सूची तैयार कर उनके विरुद्ध भी अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी। - पीआर गुप्ता, डायट प्राचार्य