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24 घंटे पहले ही हरियाणा से मजदूरी कर लौटे थे चारों युवक

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जराकोठी (पीलीभीत)। असम हाईवे पर खमरिया तिराहे पर हुए दर्दनाक हादसे में जान गंवाने वाले रुपलाल, रामनिवास, संजीव और जिला अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे प्रेमपाल एक ही खानदान से हैं। वहीं परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वह मजदूरी कर भरण पोषण करते थे।
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अभी 25 दिन मजदूरी करने के बाद एक दिन पूर्व शुक्रवार को ही चारों एक साथ हरियाणा के सोनीपत इलाके में धान की कटाई कर लौटे थे। परिवार में खुशनुमा माहौल बना हुआ था। शनिवार सुबह भी हंसी-खुशी सभी प्रेमपाल के बहनोई के स्वास्थ्य का हाल जानने के लिए निकले थे। परिवार के सभी लोग उनकी वापसी का इंतजार कर रहे थे। रात को जब हादसे की सूचना हुई तो परिवार में कोहराम मच गया। तीन की मौत का जिसने भी सुना, परिवार को ढांढस बंधाने के लिए पहुंच गया। जिसके बाद गांव में मातमी सन्नाटे के बीच परिवार के रोने की चीख गूंजती रहीं। घायल प्रेमपाल चार भाईयों में दूसरे नंबर का अविवाहित है। जबकि मृतक रूपलाल की शादी हो चुकी है। उसके तीन बच्चे सात वर्षीय अनुराग, पांच वर्षीय अनमोल, चार वर्षीय बेटी साहनी है। उसकी मौत के बाद से पत्नी ऊषा देवी और मां सोमवती का रो-रोकर बुरा हाल है। दूसरे मृतक रामनिवास की भी कच्ची गृहस्थी है। उसके दो बेटे आर्यन, राहुल और एक पुत्री है। पत्नी लक्ष्मी देवी पति की मौत की खबर सुनकर गश खा कर गिर गईं। मौजूदा परिवारीजनों ने उसको संभालते हुए ढांढस बंधाया। वहीं तीसरे मृतक संजीव के एक छह साल का बेटा सागर है। सभी के परिवार कच्चे मकानों में गुजर बसर करते हैं।
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