रक्षाबंधन पर बस पर फ्री में यात्रा नहीं कर सकीं बहनें
प्रदेश सरकार की घोषणा को लगाया पलीता, परिचालक ने जबरन लिया किराया
अमर उजाला ब्यूरो
पीलीभीत। रक्षाबंधन पर बहनों को रोडवेज बस में फ्री यात्रा कराने के सपने को कुछ चालक और परिचालकों ने पलीता लगा दिया। फ्री होने के बावजूद बहनों से टिकट के रुपये लिए। रुपये नहीं देने पर बस से उतारने की धमकी दे दी। रोडवेज के विभागीय कर्मचारी की रिश्तेदार इस ठगी का शिकार हुई है।
प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रक्षाबंधन के चलते शनिवार रात 12 बजे से रविवार रात 12 बजे तक बहनों के लिए रोडवेज बस में फ्री यात्रा की घोषणा की थी। परिवहन निगम के अफसर भी बहनों के साथ-साथ यात्रियों को बेहतर सुविधा देने का दावा करते दिखे, बावजूद रोडवेज के चालक और परिचालकों ने खूब जेब गरम की। टनकपुर की रहने वाली पुष्पा देवी बड़ी बेटी शिवानी के साथ रक्षाबंधन पर अपने मायके मुरादाबाद जाने को निकली थीं। उत्तराखंड की बस में भीड़ होने पर वह नौगवां चौराहे पर उतर गईं। काफी देर तक बस नहीं मिलने पर वह यात्रियों से भरी एक रोडवेज बस में बैठीं। आरोप है देवहा पुल पर पहुंचते ही परिचालक ने टिकट के नाम पर उनसे 112 रुपये मांगे, नहीं देने पर बस से उतारने की धमकी दी। 100 रुपये लेने के बाद भी परिचालक ने टिकट नहीं दिए। एसी बस में भी परिचालक मनमानी करते देखे गए। शहर की कृष्णलोक कॉलोनी निवासी राधिका को मायके बरेली जाना था। उन्होंने बताया कि फ्री सेवा के चलते परिचालक ने एसी बस में चढ़ने नहीं दिया।
एआरएम राकेश कुमार का कहना है कि हमारे पास अभी ऐसी कोई शिकायत नहीं आई है। यदि शिकायत आती है, तो कार्रवाई की जाएगी।