वन विभाग ने तीन शिकारियों के खिलाफ काटा केस
मामूली जुर्माना डाल रफा दफा करने के चले रहे थे प्रयास
शारदा डैम किनारे 12 से अधिक प्रवासी पक्षियों के शिकार का मामला
अमर उजाला ब्यूरो
माधोटांडा। शारदा डैम में शिकारियों द्वारा मारे गए प्रवासी पक्षियों के मामले में वन महकमे ने महाराजपुर के दो शिकारियों सहित तीन के खिलाफ विभागीय केस दर्ज किया है। महकमे के मुताबिक रेंजर के आने पर जुर्माने की धनराशि तय की जाएगी। जुर्माना अदा न करने पर शिकारियों को जेल भेजा जाएगा।
शारदा डैम में मछली का नीलामी ठेका न होने के चलते ठंड बढ़ते ही बड़े पैमाने पर मछली के शिकार के साथ-साथ प्रवासी पक्षियों का अवैध शिकार भी तेजी से शुरू हो गया है। मेहमान पक्षियों की सुरक्षा को लेकर अमर उजाला ने पूर्व में खबरें भी प्रकाशित की थी। जिसके बाद वन क्षेत्राधिकारी अनिल शाह ने शारदा डैम से सटे रमनगरा और नौजल्हा वन चौकी के वनकर्मियों को पेट्रोलिंग करने के साथ मछली मारने वाले शिकारियों पर पैनी निगाह रखने के निर्देश दिए थे। इस सबके बावजूद शिकारी अवैध शिकार के धंधे को अंजाम दे रहे हैं। एक दिन पूर्व मुखबिर की सूचना पर नौजल्हा वन चौकी के वन दरोगा राम बहादुर ने टीम के साथ शारदा डैम के किनारे छापामारी की थी। टीम ने घेराबंदी कर एक शिकारी अरविंद सरकार को मौके पर पकड़ लिया, जबकि उसका दूसरा साथी भागने में सफल रहा। अरविंद से मिले से बोरे से 12 से अधिक मृत प्रवासी पक्षी बरामद हुए थे। बताते हैं कि वन क्षेत्राधिकारी अनिल शाह विभागीय कार्य के चलते दिल्ली गए हुए हैं। आरोप है कि इस अवैध शिकार के मामले को मामूली जुर्माना डालकर रफादफा करने का प्रयास किया गया, लेकिन मामला जब अखबार की सुर्खियां बना तो महकमा एकाएक सजग हो उठा। वन दरोगा रामबहादुर की ओर से अरविंद सरकार, सुब्रत राय तथा उत्तराखंड के खटीमा क्षेत्र के वन महोलिया निवासी प्रदीप के खिलाफ दस प्रवासी पक्षियों का शिकार कर मारने का विभागीय केस रेंज कार्यालय में दर्ज कराया गया है। इस संबंध में वन क्षेत्राधिकारी अनिल शाह ने बताया कि तीन शिकारियों के खिलाफ विभागीय मुकदमा दर्ज करवा दिया गया है। मुख्यालय वापस लौटने पर प्रभागीय वनाधिकारी से वार्ता के बाद जुर्माने की धनराशि भी वसूली जाएगी और यदि शिकारी निर्धारित जुर्माना नहीं देते हैं तो उनकी जेल भेजा जाएगा।