पीलीभीत। नकली नोट छापने वाले पटेल गैंग का नेटवर्क नेपाल तक फैला था। गैंग कर सरगना नितिन पटेल और उसके साथी सिर्फ भारतीय करेंसी ही नहीं थे, बल्कि नेपाली नोट भी छापते थे। पुलिस ने सरगना नितिन पटेल और उसके साथी शिवम को रिमांड पर लेकर लेकर कड़ीपूछताछ के बाद इसके पुख्ता सबूत भी जुटा लिए हैं। पुलिस ने इन दोनों की निशानदेही पर भारी मात्रा में 500, 200 और 100 के भारतीय करेंसी के नकली नोट और उपकरण तो बरामद किए ही, साथ ही नेपाल करेंसी का भी एक हजार का नकली नोट बरामद किया है। इसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को दोबारा जेल भेज दिया। हालांकि अमर उजाला ने गिरोह के पकड़े जाने के समय ही आरोपियों के नेपाल से तार जुड़े होने का अंदेशा जताया था।
मां यशवंतरी देवी मंदिर में लगे नवरात्र मेले में 500 का नकली नोट चलाते पुलिस ने मोहल्ला नखासा निवासी उद्देश्य दीक्षित को पकड़ा था। उससे पूछताछ के बाद मोहल्ला गोपाल सिंह निवासी नितिन पटेल का नाम नकली नोट छापने को लेकर सामने आया था। पुलिस के छापा मारने पर गैंग का सरगना नितिन पटेल तो हत्थे नहीं चढ़ सका था, लेकिन मौके पर नकली करेंसी और नोट छापने के उपकरण मिले थे। पुलिस ने मौके से नितिन की पत्नी को भी गिरफ्तार किया था। इसके बाद नितिन की पत्नी और उद्देश्य को जेल भेज दिया था। पुलिस का दबाव पड़ने पर नितिन और उसका साथी मोहल्ला आसफजान निवासी शिवम वर्मा कोर्ट में सरेंडर कर जेल चले गए थे। उन्हें रिमांड पर लेने के लिए पुलिस ने कोर्ट में अर्जी दाखिल की थी। रिमांड मिलने के बाद मंगलवार सुबह दस बजे पुलिस ने नितिन पटेल और शिवम को कस्टडी में लेकर जेल से बाहर निकाला और थाने ले जाकर पूछताछ की। कोतवाल वीके मिश्रा, इंस्पेक्टर अजब सिंह, दरोगा पीके शर्मा ने नितिन पटेल से पूछताछ की। दोनों की निशानदेही पर घर में रखे 1.24 लाख रुपये के भारतीय नकली नोट, 350 विभिन्न अधबने नोट और उपकरण बरामद किए। यही नहीं एक हजार का नेपाल का नकली नोट भी पुलिस को मिला। पुलिस के मुताबिक बरामद नेपाल का नकली नोट नितिन ने ही छापा था। पुलिस का कहना है कि नितिन बड़े पैमाने पर नोटों का अवैध धंधा करता था। उसने नेपाल के भी नोट छापे और वहां पर चला दिए। दोपहर में खुफिया विभाग, एसएसबी की टीम ने भी कोतवाली पहुंचकर आरोपियों से पूछताछ की। पुलिस ने शाम छह बजे दोनों को ले जाकर जेल में दाखिल कर दिया।
ये हुई बरामदगी
पांच सौ के 70 नोट, सौ के नए वाले 211 नोट, दौ सौ के 353 नोट, सौ के पुराने वाले नौ नोट, नेपाल का एक हजार का नोट, 350 अधबने नकली नोट, आरबीआई और भारत छपी हरे रंग की चमकीली पन्नी, इसी तरह की सिल्वर पन्नी, तीन डिब्बी फ्लूट, पेंटिंग ब्रश, पेपर कटर, हरे रंग की डिब्बी, गोंद की शीशी, केमिकल, दो स्टील फर्मा प्लेट, फेबीकॉल, इंक, पेपर रोल, पाउडर, लकड़ी के फ्रेम, पेपर प्रोसेसिंग मशीन।
बनारस में साड़ी प्रिंट करने काम करता था नितिन
पुलिस के मुताबिक आरोपी नितिन पटेल दस साल पहले बनारस में साड़ी प्रिंट करने का काम करता था। वह इंटरमीडिएट तक पढ़ा है। साड़ियों की प्रिंटिंग के दौरान ही उसके मन में नकली नोट छापने का ख्याल आया। उसने इसको लेकर जानकारी जुटाई। जिसके बाद नकली नोट छापने लगा। उसने यह भी बताया कि इसमें इस्तेमाल सामान आसानी से बाजार में मिल जाता था। उधर, रिमांड पर लिए गए शिवम ने बताया कि वह बरेली में एक सराफ के यहां नौकरी करता था। वह रोज बरेली से पीलीभीत आता-जाता था, इसी दौरान ट्रेन में उसकी मुलाकात नितिन से हो गई थी।
बीते दिनों सरेंडर कर जेल गए आरोपी नितिन पटेल और शिवम वर्मा को पुलिस कस्टडी रिमांड पर लिया गया था। उनकी निशानदेही पर भारी संख्या में भारतीय नकली नोट और एक हजार का नेपाली नकली नोट बरामद हुआ है। कई अधबने नोट और उपकरण भी मिले हैं। पूछताछ के बाद दोनों आरोपियों को दोबारा जेल भेज दिया है। - सीओ सिटी धर्म सिंह मार्छाल