न्यूरिया/पीलीभीत। आवारा पशुओं के लिए शहर से लेकर ग्रामीण अंचलों तक अस्थायी आश्रय गृह बनवाए गए हैं। इसके लिए शासन ने करोड़ों का बजट भी आवंटित किया है। जिले में भी स्थायी व्यवस्था न होने तक अस्थायी पशु आश्रय गृह बनाने के लिए लाखों की रकम खर्च की जा चुकी है, लेकिन सड़कों पर आवारा पशुओं का आतंक जस का तस है। नतीजतन सड़कों पर घूम रहे आवारा पशुओं की चपेट में आकर एक और जान चली गई। सांड़ के हमले में घायल किसान नन्हेलाल ने एक माह चले इलाज के बाद प्राइवेट अस्पताल दम तोड़ दिया। न्यूरिया पुलिस ने किसान के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। किसान की मौत के बाद से परिवार में चीख पुकार मची है। न्यूरिया थाना क्षेत्र के बिथ गांव निवासी 40 वर्षीय नन्हेलाल पुत्र सुमेरलाल खेती करते थे। 21 जनवरी को वह खेत पर जा रहे थे। इस बीच खेत के पास पहुंचते ही आवारा सांड़ ने उन पर हमला कर पटक दिया। जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। शोर पर आसपास के खेतों पर काम कर रहे ग्रामीणों ने बमुश्किल बचाया था। परिवार वालों ने किसान को जिला अस्पताल भर्ती कराया। वहां प्राथमिक इलाज के बाद हालत गंभीर होने पर नन्हेलाल को एक प्राइवेट अस्पताल ले जाया गया। इसके बाद से वहीं पर उनका इलाज कराया जा रहा था। एक माह बाद शनिवार सुबह उनकी मौत हो गई। परिवार वाले शव घर ले आए। जिसके बाद चीख पुकार मच गई। इसकी सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेज दिया है। मृतक के तीन बच्चे हैं। पत्नी राजेश्वरी देवी का रो-रोकर बुरा हाल है।