सोनल दहेज हत्याकांड में पति की जमानत खारिज
पीलीभीत। जिला एवं सत्र न्यायाधीश बीएस पटेल ने शहर के सुमित कौर उर्फ सोनल दहेज हत्याकांड में आरोपी पति हरविंदर सिंह बग्गा उर्फ सन्नी की जमानत सुनवाई के बाद मामला गंभीर पाकर खारिज कर दी है।
थाना सुनगढ़ी पर लुधियाना निवासी सतनाम सिंह ने रिपोर्ट दर्ज कराई। जिसके अनुसार उसकी बहन सुमित कौर उर्फ सोनल की शादी 12 जुलाई 2015 को पीलीभीत नगर के मोहल्ला खुशीमल निवासी इंद्रजीत सिंह बग्गा के पुत्र हरविंदर सिंह बग्गा उर्फ सन्नी के साथ हुई थी। आरोप है कि विवाह में कार या दस लाख रुपये की मांग को लेकर विवाहिता का दहेज के लिए प्रताड़ित किया जाता था। 28 दिसंबर 2018 को दोपहर में पति और ससुराल वालों ने दहेज के लिए सोनल की फांसी के फंदे पर लटकाकर हत्या कर दी। जिला एवं सत्र न्यायाधीश बीएस पटेल की अदालत में आरोपी पति की ओर से स्वयं को निर्दोष बताया गया। राज्य सरकार की ओर से शासकीय अधिवक्ता धीरेंद्र मिश्र ने दहेज हत्या को समाज विरोधी गंभीर अपराध बताया। मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने आरोपी की जमानत अर्जी खारिज कर दी।
चमेली देवी दहेज हत्याकांड में सास की जमानत खारिज
पीलीभीत। थाना गजरौला के गांव जमुनिया बंजरिया निवासी चमेली देवी दहेज हत्याकांड में आरोपी सास जसोदा देवी की जमानत अर्जी सुनवाई के बाद जिला एवं सत्र न्यायाधीश बीएस पटेल ने खारिज कर दी।
इस मामले में घटना की रिपोर्ट मान कुमारी ने थाना गजरौला पर दर्ज कराई। जिसके अनुसार उसकी पुत्री चमेली देवी का विवाह गांव जमुनिया बंजरिया निवासी जितेंद्र के साथ 11 मार्च 2016 को हिंदू रीति रिवाज से हुआ था। उसकी पुत्री एक हाथ से विकलांग थी। कुछ समय बाद पति व ससुराल वाले दहेज में पांच लाख रुपये की मांग करने लगे। यह भी धमकी दी गई कि दहेज न मिलने पर जितेंद्र दूसरी शादी कर लेगा। दर्ज रिपोर्ट के अनुसार 17 नवंबर 2017 को उसे फोन पर खबर मिली कि ससुराल वालों ने उसकी बेटी चमेली की दहेज के कारण गला दबाकर हत्या कर दी है। यह भी आरोप है कि ससुराल वालों ने सादा कागजों पर अंगूठा करवाकर जबरन उसकी बेटी का अंतिम संस्कार कर दिया। मामले की सुनवाई के दौरान शासकीय अधिवक्ता धीरेंद्र मिश्र ने इसे गंभीर अपराध बताया। आरोपी पक्ष ने स्वयं को निर्दोष बताया। मामले की सुनवाई के बाद जिला एवं सत्र न्यायाधीश बीएस पटेल ने दहेज आरोपी सास की जमानत अर्जी खारिज कर दी।
दामाद ने की आत्महत्या, आरोपी ससुर की जमानत खारिज
पीलीभीत। ससुराली जनों द्वारा पत्नी की विदा न करने और मारपीट करने से आहत दामाद ने कीटनाशक पीकर आत्महत्या कर ली। जिला एवं सत्र न्यायाधीश बीएस पटेल ने दामाद को प्रताड़ित करने के आरोपी गांव चरखोला निवासी राम प्रसाद की जमानत अर्जी खारिज कर दी।
थाना बिलसंडा पर रामपाल ने रिपोर्ट दर्ज कराई। जिसके अनुसार उसके बेटे राजेश की शादी गांव चरखोला निवासी राम प्रसाद की बेटी नीतू के साथ बीते वर्ष हुई थी। उसकी पुत्रवधू पिछले कुछ दिनों से मायके में रह रही थी। माल जेवर आदि भी उसी के मायके में था। पहली अगस्त 2018 को राजेश अपनी पत्नी को विदा कराने ससुराल गया था। पत्नी की विदा न होने पर राजेश ने ससुराल वालों से अपना माल जेवर मांगा। इस बात पर उसके ससुर रामप्रसाद व ससुराल वालों ने उसके साथ मारपीट की। इसी से आहत होकर राजेश ने कीटनाशक दवा पी ली। इलाज के दौरान राजेश की मौत हो गई। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। थाना बिलसंडा के गांव चरखोला निवासी आरोपी राम प्रसाद की ओर से जिला एवं सत्र न्यायाधीश बीएस पटेल की अदालत में जमानत अर्जी दाखिल की गई। बचाव पक्ष की ओर से कहा गया कि उसे फर्जी फंसाया गया है। राज्य सरकार की ओर से शासकीय अधिवक्ता धीरेंद्र मिश्र ने जमानत देने का विरोध किया। तर्क दिया कि पंचायतनामा के दौरान राजेश की मौत विषाक्त पदार्थ खाने से होने की राय दी गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में विसरा सुरक्षित किया गया। जांच में विसरा में जहर पाया गया। यह गंभीर मामला है। न्यायालय ने सुनवाई के बाद मामला गंभीर पाकर आरोपी ससुर जमानत अर्जी खारिज कर दी।