दहेज हत्या में पति को दस वर्ष कैद, जुर्माना
साक्ष्य के अभाव में तीन दोषमुक्त
अमर उजाला ब्यूरो
पीलीभीत। सत्र न्यायाधीश दिनेश कुमार सिंह ने दहेज हत्या के आरोपी कस्बा जहानाबाद निवासी आनंद बाबू को दोषी पाकर दस वर्ष सश्रम कारावास और 15 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है। न्यायालय ने साक्ष्य के अभाव में मृतका के सास-ससुर व देवर को दोषमुक्त कर दिया।
जिला शासकीय अधिवक्ता अपराध अमित पाठक ने बताया कि कस्बा बीसलपुर के मोहल्ला दुबे निवासी सुनील कुमार ने 29 जून 2014 को थाना जहानाबाद में रिपोर्ट दर्ज कराई। रिपोर्ट के अनुसार उसकी बहन सविता की शादी तीन माह पहले कस्बा एवं थाना जहानाबाद निवासी श्रवण कुमार के पुत्र आनंद बाबू से हुई थी। शादी के कुछ दिनों बाद ही पति, ससुर, सास शकुंतला उर्फ महारानी व देवर गुड्डू आदि दहेज में एक लाख रुपये की मांग को लेकर विवाहिता को प्रताड़ित करने लगे। मृतका का भाई सुनील दिल्ली में रहकर मजदूर करता है। सुनील को 27 जून को फोन पर सूचना मिली कि ससुराल वालों ने बहन सविता को मार दिया है। जब वह आया तो बहन का शव पोस्टमार्टम हाउस में रखा था। पुलिस ने दहेज हत्या की रिपोर्ट दर्ज की। विवेचना के बाद आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल हुआ। मामले की सुनवाई के बाद सत्र न्यायाधीश दिनेश कुमार सिंह ने दहेज हत्या के आरोपी पति आनंद बाबू को दोषी पाकर दस वर्ष सश्रम कारावास और 15 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है। न्यायालय ने साक्ष्य के अभाव में मृतका के ससुर श्रवण कुमार, सास शकुंतला उर्फ महारानी व देवर गुड्डू को दोष मुक्त कर दिया।