पीलीभीत। करीब सोलह साल बिना बताए गैरहाजिर रहने के बाद गुपचुप तरीके से पुलिस लाइन में आमद कराकर नौकरी कर रहे सिपाही की करतूत एसपी के सामने आ गई। एसपी ने जानकारी जुटाने के बाद सिपाही को निलंबित कर दिया है। इसके अलावा सिपाही लंबे समय तक बिना दंड कैसे गायब रहा, इसकी विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।
जनपद में तैनात सिपाही बलविंदर सिंह 13 नबंबर 2011 से अफसरों को सूचना दिए बिना गायब हो गया। लंबा समय बीतने के बाद अफसरों की निगाह सिपाही के गायब होने से हट गई। साल गुजरते रहे और सिपाही का कोई पता नहीं लगा। खास बात रही कि इस बात से अधिकारी अंजान बने रहे। लापरवाही की इंतहा उस वक्त हो गई जब 18 जून 2017 को यानि 15 साल 217 दिन गायब रहने के बाद सिपाही बलविंदर वापस आया और चुपचाप आमद पुलिस लाइन में करा ली। उसको कोई दंड मिलना तो दूर उसके गायब रहने की भनक भी अफसरों को नहीं लगी। आमद कराने के दो माह बाद एसपी कलानिधि नैथानी को इसकी शिकायत मिली। जिस पर उन्होंने मातहतों से इसकी जानकारी जुटाई। मामला सही पाए जाने पर सोमवार को सिपाही बलविंदर सिंह को निलंबित कर दिया है। सिपाही का लंबे समय तक गायब रहना और अफसरों की ओर से अब तक कोई कार्रवाई न होना। कही न कहीं महकमे के निचले स्तर के कर्मचारियों की साठगांठ को भी उजागर करता है। जिसको लेकर अभी कोई स्थिति स्पष्ट नहीं की गई है। जांच के बाद दोषियों को दंडित किए जाने की बात कही जा रही है। एसपी ने बताया कि मामला करीब 16 साल से दबा हुआ था। बिना सूचना के इतनी लंबी अवधि तक गैरहाजिर रहना पुलिस जैसे अनुशासित विभाग में रहते हुए घोर लापरवाही, उदासीनता एवं अनुशासनहीनता को उजागर करता है। प्रकरण की गंभीरता से जांच कराकर कठोर कार्रवाई की जाएगी।