पीलीभीत। मां वैष्णो देवी के दर्शन करने गए दंपति का बच्चे संग रहस्यमय ढंग से लापता होने का मामला लंबे समय बाद भी सुलझ नहीं सका है। एसपी के आदेश पर सुनगढ़ी पुलिस ने दर्ज की गई गुमशुदगी को अपहरण की धाराओं में तरमीम कर दिया है। एफआइआर दर्ज करने के बाद अब मामले में कार्रवाई के लिए जम्मू पुलिस बयौरा भेजा जा रहा है।
बल्लभ नगर कॉलोनी निवासी रिटायर्ड दरोगा गिरिराज सिंह का बेटा सौरभ, पुत्रवधू छाया और पोता अंश एक जुलाई की शाम को मां वैष्णोदेवी के दर्शन करने गए थे। उनको पांच जुलाई को वापस आना था। चार जुलाई को सौरभ ने एक नए नंबर से कॉल कर परिवारीजनों को जम्मू के नीलकंठ होटल में ठहरने की जानकारी देकर दूसरे दिन आने की बात बताई थी। इसके बाद से न तो उसका कोई सुराग लगा, न ही फोन ऑन हो सका। जिस पर पिता गिरिराज सिंह ने सुनगढ़ी थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। कई दिन बीतने के बाद भी पुलिस मामले में कोई सुराग नहीं लगा सकी। इस पर पीड़ित पिता ने अनहोनि की आशंका जाहिर करते हुए एसपी कलानिधि नैथानी से मुलाकात कर बरामदगी की गुहार लगाई। एसपी के आदेश पर सुनगढ़ी पुलिस ने पिता से तहरीर लेकर लापता दंपति एवं उनके बेटे अंश के अपहरण की रिपोर्ट अज्ञात के खिलाफ दर्ज की है। इंस्पेक्टर सुनगढ़ी गोपीचंद यादव ने बताया कि सर्विलांस की मदद से काम किया जा रहा है। गुमशुदगी परिवारीजनों ने जम्मू में भी दर्ज कराई है। अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई के लिए जम्मू पुलिस को अभिलेख भेजे जा रहे है। अभी कोई प्रगति नहीं हो सकी है।
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कार्रवाई की धीमी गति पर उठाए सवाल
एक तरफ पुलिस बच्चे संग लापता दंपति को तलाशने में गंभीरता बरतने के दावे कर रही है। वहीं आज तक दंपति का मोबाइल फोन किस लोकेसन पर स्विच ऑफ हुआ? वह वापसी के लिए ट्रेन में सवार हुए या नहीं? इसका भी पता नहीं कर सकी है। कार्रवाई को जम्मू पुलिस के नाम पर टाला जा रहा है। तहरीर लेकर सुनगढ़ी थाना पहुंचे लापता दंपति के परिवार वालों ने भी कार्रवाई की धीमी गति पर सवाल उठाए हैं।