पीलीभीत। एक धर्मस्थल के स्वामित्व को लेकर एक ही परिवार के दो पक्षों के बीच विवाद हो गया। मामला इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों के बीच मारपीट होने लगी। सूचना पर पहुंची पुलिस दोनों पक्षों के आठ लोगों को पकड़कर थाने ले आई। दोनों पक्षों के बीच चली कई घंटे वार्ता के बाद आपसी समझौता हो गया। इसके चलते पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। इसलिए पकड़े गए सभी लोगों को थाने से ही छोड़ दिया गया।
शनिवार को मोहल्ला भूरे खां में स्थित एक धर्मस्थल पर लंबे समय से एक ही परिवार के दो पक्षों में स्वामित्व को लेकर झगड़ा चल रहा था। इसकी जांच करने के लिए लखनऊ से वफ्फ बोर्ड के इंस्पेक्टर नुमान अख्तर दोनों पक्षों के बयान दर्ज करने के लिए पहुंचे। दोपहर डेढ़ बजे उन्होंने धर्मस्थल पर पहुंचने के बाद दोनों पक्षों के बयान के लिए मौके पर बुलाया। जहां दोनों पक्षों के आमने-सामने आने पर कहासुनी होने लगी। मामला इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों के बीच मारपीट हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने झगड़ा कर रहे दोनों पक्षों के आठ लोगों को हिरासत में ले लिया।
सूचना पर सिटी मजिस्ट्रेट अरुण कुमार सिंह और सीओ सिटी वीरेंद्र विक्रम मौके पर पहुंच गए। दोनों पक्षों ने एक दूसरे पर जानलेवा हमला करने का आरोप लगाया। कई घंटे कोतवाली में चली वार्ता के बाद दोनों ने आपस में समझौता कर लिया। सीओ सिटी वीरेंद्र विक्रम ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच झगड़ा हो गया था। बाद में दोनों ने समझौता कर लिया। इसके चलते कोई कार्रवाई नहीं की गई है। फिलहाल नजर रखी जाएगी।