पीलीभीत। चार दिन पहले ससुराल में हुई विवाहिता की मौत के मामले में एफआईआर दर्ज कराने आए परिवार वालों को ही सुनगढ़ी पुलिस ने हवालात में बंद कर दिया। पुलिस के रवैये के खिलाफ लोगों ने एकत्रित होकर विरोध जताया तो पुलिस बैकफुट पर आ गई और सभी को छोड़ दिया। तहरीर के आधार पति समेत दो पर हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई।
बरेली के थाना बारादरी क्षेत्र के मॉडल टाउन निवासी सोनू अरोरा ने बताया कि उसकी 30 वर्षीय भतीजी तान्या पुत्री गोपाल अरोरा की शादी 2010 में सुनगढ़ी थाना क्षेत्र के मोहल्ला नखासा गौड़ी निवासी जसवीर से हुई थी। 28 जून को तान्या की ससुराल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। सूचना मिलने पर परिवार वाले ससुराल पहुंचे और फिर पुलिस से शिकायत की थी।
सुनगढ़ी पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चोटों से मौत होने की बात स्पष्ट हुई, मगर अब तक कार्रवाई नहीं हुई थी। आरोप है कि पुलिस ने हिरासत में लिए गए पति को भी साठगांठ कर छोड़ दिया। इसकी जानकारी मिलने पर बृहस्पतिवार को परिवार वाले सुनगढ़ी थाने पहुंचे। पुलिस ने ससुराल वालों पर कार्रवाई करने के बजाए दबाव बनाते हुए उन्हें ही हवालात में बंद कर दिया। कुछ सदस्य छूटकर थाने के बाहर निकल गए थे तो उन्होंने परिचितों को इकट्ठा किया। इसके बाद सभी एकजुट होकर सुनगढ़ी थाना पहुंच गए। वहां खुद को फंसता देख पुलिस ने उन्हें हवालात से निकाल दिया। फिर रिपोर्ट दर्ज की गई।
उधर, सुनगढ़ी इंस्पेक्टर श्रीकांत द्विवेदी का कहना है कि परिवार से कोई अभद्रता नहीं की गई थी। हवालात में बंद करने की बात भी गलत है।
परिवार से मिली तहरीर पर मृतका के पति जसवीर सिंह, सास और एक अन्य पर हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। पुलिस पर लगे आरोप गलत हैं। अगर पीड़ित शिकायत करता है तो उसकी भी जांच कराई जाएगी। - वीरेंद्र विक्रम, सीओ सिटी