पूरनपुर। विवादित टिप्पणी पर कार्रवाई की मांग करने को एक दिन पूर्व जुलूस निकालकर प्रदर्शन करने वाले उलमा और अन्य लोगों पर पुलिस-प्रशासन सख्त हुआ। कोराना महामारी और निषेधाज्ञा लागू होने के बावजूद बिना अनुमति किए गए प्रदर्शन पर कार्रवाई की गई। पुलिस ने 15 को नामजद और 100 अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
सोमवार को उलमाओं और अन्य लोगों की भीड़ ने तहरीक मिन्हाजें मुस्तफा, टीटीएस ग्रुप के नेताओं के नेतृत्व में पैगंबर ए इस्लाम के खिलाफ की गई बयानबाजी के विरोध में प्रदर्शन किया था। ब्लॉक चौराहे पर एकत्र हुए लोग जुलूस की शक्ल में एसडीएम कार्यालय पहुंचे थे। एसडीएम कार्यालय के बयानबाजी करने वाले नरसिम्हा नंद के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की थी। प्रदर्शन कर एसडीएम कार्यालय में ज्ञापन सौंपा था। धारा 144 लागू थी और कोरोना संक्रमण भी चल रहा है। इसे देखते हुए भीड़ जुटाने पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया। नगर चौकी इंचार्ज राजीव चौहान ने बताया कि प्रदर्शनकारियों को निषेधाज्ञा लागू होने और कोरोना संक्रमण की जानकारी भी दी गई, मगर प्रदर्शनकारी नहीं माने थे। अधिकांश ने मास्क भी नहीं लगाया था और सामाजिक दूरी भी नहीं बनाई थी। कोतवाल सुनील शर्मा ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। इसमें नूर मोहम्मद अजहरी, डॉ. मोहम्मद शरीफ रजा, मोहम्मद आसिम रजा, जावेद रजा बरकाती, फारूक रजा, दिलशाद रजा, एजाज खां, डॉ. शफी मोहम्मद, मुजाहिद अजहरी, मोहम्मद सरताज, आसिफ बरकाती, सुहेल अहमद, हाफिज रफीक अहमद, हाफिज नाजिम, अन्नास रजा को नामजद किया गया है। इसके अलावा 100 अज्ञात आरोपी बनाए गए हैं। विवेचना कर तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।