बिलसंडा (पीलीभीत)। होली और पंचायत चुनाव को लेकर मिलावटी के साथ ही कच्ची शराब का धंधा भी बढ़ने लगा है। यूरिया मिलाकर हानिकारक शराब बनाकर परोसी जा रही है। यूरिया से शराब बनाए जाने की एक सूचना पर पुलिस ने दबिश दी और दो लोगों को धर दबोचा। उनके पास से 120 लीटर कच्ची शराब, पांच किलो यूरिया बरामद की गई। दोनों को रिपोर्ट दर्ज कर जेल भेज दिया है।
प्रभारी निरीक्षक रविंद्र कुमार ने बताया कि सोमवार तड़के दो बजे सूचना मिली कि खन्नौत नदी के पास जसपाल के खेत में कुछ लोग कच्ची शराब बना रहे हैं। इस पर आबकारी टीम को साथ लेकर दबिश दी गई। बताए गए स्थान से दो लोगों को कच्ची शराब बनाते पकड़ा। पूछने पर उन्होंने अपना नाम सिंबुआ कलक्टरगंज गांव निवासी विक्रमजीत उर्फ विक्की और हरप्रीत सिंह उर्फ हैप्पी बताया। मौके से 120 लीटर कच्ची शराब, पांच किलो यूरिया बरामद हुई। दोनों को आरोपियों को पकड़कर थाने लाया गया। फिर आबकारी निरीक्षक राजेंद्र कुमार की ओर से आबकारी अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई। दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया है।
सेहत के लिए हानिकारक
शराब को ज्यादा नशीला करने के चक्कर में धंधेबाज यूरिया, धतूरा आदि मिलाया करते हैं। यूरिया की अगर मात्रा अधिक हो जाए तो शराब जहरीली हो जाती है। यूरिया मिलाकर बनी शराब सेहत के लिए भी काफी नुकसानदायक है। अर्बन पीएचसी के प्रभारी डॉ. आरके सिंह ने बताया कि यूरिया से बनी शराब में मिथाइल एल्कोहल बनता है, जोकि बहुत खतरनाक होता है। यह सबसे पहले किडनी, आंतें लीवर को खराब करता है। यह किसी जहर से कम नहीं है। मात्रा अधिक होने पर जान भी जा सकती है।