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ठेकेदार कहता रहा पुलिस बुलाओ, भट्ठा मालिक बोला-चुप हो जाओ

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पीलीभीत। तीन दिन चली पड़ताल के बाद सगी बहनों की हत्या ऑनर किलिंग निकली। मां और भाई को जेल भेजे जाने के बाद पुलिस अब घटना को छिपाने वालों की जांच पड़ताल कर रही है। घटना को छिपाने में मदद करने पर भट्ठा मालिक को जेल भेजा गया है।
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पुलिस के अनुसार दोनों बेटियों की हत्या करने के बाद सबसे पहली कॉल मृतका के बड़े भाई ने ठेकेदार को थी। ठेकेदार मृतका के गांव का है, वह भट्ठे पर काम लगवाता है। उसे छोटी बहन के अचानक बीमार होने की जानकारी देकर बुलाया गया था। बाद में बात बताई गई थी। यह सुनकर ठेकेदार के होश उड़ गए। ठेकेदार ने तुरंत ही करीब रात 11 बजे भट्ठा मालिक को कॉल कर दी। उस वक्त भट्ठा मालिक की मोबाइल लोकेशन शहर (पीलीभीत) में कचहरी रोड पर थी। करीब 400 सेकेंड तक दोनों के बीच बातचीत होती रही। हत्या की जानकारी देते हुए ठेकेदार ने पुलिस को सूचना देने की बात कही थी। मगर, भट्ठा मालिक ने उसे चुप करा दिया था। इसके बाद भट्ठा मालिक मौके पर गया। वहां ठेकेदार ने बताया कि परिवार ने हत्या कर दी है और अब शव ठिकाने लगाने में मदद मांग रहे हैं। पुलिस को बुला लिया जाए। मगर, दोबारा भट्ठा मालिक ने चुप करा दिया था। परिवार ने जब लाश ले जाने के लिए कार की मांग की तो भट्ठा मालिक ने देने से इनकार कर दिया था। कहा कि परिवार को जो करना है, जल्दी से चुपचाप कर ले। वह कार नहीं देगा। इसके बाद आधी रात करीब डेढ़ बजे दोबारा 22 मिनट तक ठेकेदार से फोन पर भट्ठा मालिक की बात होती रही। पुलिस का तर्क है कि भट्ठा मालिक जिम्मेदार व्यक्ति था। उसे तुरंत पुलिस को बताना चाहिए था। मगर, सुबह भी जब बात की गई तो वह अनभिज्ञता जताता रहा। बाद में सर्विलांस की मदद से साक्ष्य एकत्र किए गए तो सच सामने आ गया।
बड़ी बेटी को प्रेमी संग फरार दर्शाना चाहता था परिवार
खुलासे के दौरान पुलिस के अनुसार परिवार के सदस्य दोनों बहनों की हत्या करने के बाद साजिश रच चुके थे। छोटी बेटी के शव को देर रात तक कोठरी में रखे रहे थे। बड़ी बेटी के शव को फंदे पर लटका आए थे। उसके बारे में ठेकेदार को भी ज्यादा नहीं बता रहे थे। यही कह रहे थे कि बड़ी बेटी किसी के साथ कहीं चली गई है। ताकि उसके प्रेमी पर शक उजागर होता रहे। बाद में अगर शव मिल भी जाए तो उन पर आंच न आए। छोटी बेटी के शव को बिना पुलिस को सूचना दिए ठिकाने लगा दिया जाएगा। मगर बात बन नहीं सकी।
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भाई ने प्रेमिका को भी बताई पूरी कहानी, रात भर हुए फोन
हत्याकांड में पुलिस को सबसे बड़ा साक्ष्य सर्विलांस से मिला है। छानबीन शुरू की गई और कड़ी से कड़ी जुड़ती गई। उस रात कई नंबरों पर परिवार ने घटना की जानकारी दी थी। वह मदद की आस में घबराकर कई से बात कर गए थे। सभी से लंबी वार्ता हुई। बड़े भाई ने तो अपनी प्रेमिका तक को फोन कर इसकी जानकारी दे दी थी। यही नहीं परिसर में ही रहने वाले एक व्यक्ति के मोबाइल का भी कॉल करने में इस्तेमाल किया गया था।
..तो ईंट से भी की थी पिटाई
भट्ठा परिसर में रहने वाले अन्य परिवारों से पूछताछ में पुलिस को एक महिला गवाह के तौर पर भी मिल गई थी। बताते हैं कि शाम करीब पांच बजे से ही फोन पर बात करते पकड़े जाने पर झगड़ा शुरू हो गया था। इस दौरान बहनों को ईंट मारते हुए भी उसने देखा था। हालांकि बाद में क्या हुआ, इसके बारे में कुछ नहीं बता सकी। वहीं एक रिश्तेदार भी परिवार समेत कुछ दूरी पर कोठरी में रहता है। उसे भी कुछ नहीं बताया गया था। वह भी घटना से पूरी तरह अंजान था।
मृतका की भाभी से पहले दिन पूछताछ में मिल गई थी महत्वपूर्ण जानकारी
एसपी ने बताया कि परिवार वालों पर पहले ही दिन से शक गहराया हुआ था। इस पर परिवार के सदस्यों से अलग-अलग पूछताछ की गई। इसमें मृतका की भाभी ने पहले ही दिन पूरी घटना बता दी थी। उसकी कोई संलिप्तता नहीं थी। मगर, उसे घटना की जानकारी थी। उसी के बाद से साक्ष्य एकत्र किए गए, फिर सख्ती अपनाई। यह भी बताया कि भाभी से आरोपियों व अन्य लोगों ने पुलिस को कुछ न बताने का दबाव भी बनाया था। मगर, उससे पहले ही पुलिस पूछताछ कर चुकी थी।
कई की गर्दन फंसना तय
मामले में कई की गर्दन फंसना तय है। पुलिस का मानना है कि कई ऐसे लोग अभी है, जिन्हें घटना बताई गई। मगर, वह उसे दबाने में साथ देते रहे। इसके लिए सीडीआर से मिले साक्ष्यों पर पड़ताल चल रही है। विवेचना के दौरान रिपोर्ट में धाराएं भी बढ़ेंगी। घटना से जुड़े किसी भी व्यक्ति को अभी पूर्णतया क्लीन चिट नहीं दी गई है।
पुलिस का अनुमान शाम सात बजे के आसपास हो गई थी हत्या
हत्या और शव ले जाने का सटीक समय अभी भी पता नहीं लग सका है। आरोपी एवं अन्य परिवार वालों का यही कहना है कि जब शाम को आंधी आई हुई थी, तब घटना हुई। ऐसे में अनुमान लगाया जा रहा है कि सात बजे के आसपास घटना को अंजाम दिया जा चुका था। इस समय का आकलन शहर में आई आंधी के समय से जोड़कर अभी अफसर लगा रहे हैं।
गांव की गलियों में पसरा सन्नाटा, पुलिस की रही तैनाती
सगी बहनों की हत्या का खुलासा कर मां और भाई के जेल जाने के बाद उनके गांव का माहौल भी बदला सा दिखा। दिन भर गलियों में सन्नाटा पसरा रहा। गांव के मुख्य रास्ते पर पुलिस की तैनाती रही। वहीं फरार आरोपियों की तलाश के लिए एसओजी टीम जुटी है।
बुधवार को दोनों बहनों के शवों का अंतिम संस्कार किए जाने के बाद से ही कयास लगाए जा रहे थे कि पुलिस अब परिवार के सदस्यों पर सख्ती करेगी। उनकी धरपकड़ का भी अनुमान लगाया जा रहा था। दिन भर पुलिसकर्मी गांव में परिवार की निगरानी में लगे रहे। रात को पहले मां और बड़े भाई को गिरफ्तार करके पुलिस बीसलपुर ले गई। इसके बाद से गांव में माहौल बदलना शुरू हो गया। अन्य ग्रामीण घरों में दुबकने लगे। कम ही आवाजाही के लिए बाहर आए। रात को भी कई बार दबिश दी गई। छोटा भाई और बहनोई पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ सके थे। पुलिस ने रात में भी कई जगह दबिश दी। मगर सफलता नहीं मिली। बृहस्पतिवार को भी गांव की अधिकांश गलियों में सन्नाटा पसरा रहा। एसओजी टीम फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी रही। वहीं बिलसंडा की करेली चौकी पुलिस गांव के मुख्य रास्ते पर डटी रही। ग्रामीणों से भी परिवार के अन्य सदस्यों के बारे में जानकारी करते रहे।
सगी बहनों की हत्या मां और भाइयों ने की थी। घटना पता लगने के बाद भी भट्ठा मालिक ने सूचना नहीं दी। परिवार को जल्दी से शव ठिकाने लगाने पर जोर दे दिया। बड़ी बेटी का शव फंदे पर लटकाने में बहनोई ने मदद की। ऐसे ही कई अन्य लोगों के बारे में भी पड़ताल चल रही है। खुलासा कर दिया गया है। अन्य आरोपियों पर भी सख्त कार्रवाई होगी। - जयप्रकाश, एसपी
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