बीसलपुर /बिलसंडा। जमीन पर कब्जे से जुड़ी शिकायत मिलने पर पूर्व प्रधान के पति से पुजारी के पैरों में नाक रगड़वाने के मामले में सीओ को बीसलपुर सर्किल से हटाकर मुख्यालय से अटैच कर दिया गया। कार्रवाई से फिलहाल संतुष्ट होकर भाजपा विधायक और पूर्व प्रधान पति की ओर से प्रस्तावित धरना प्रदर्शन स्थगित कर दिया गया। सैकड़ों ग्रामीणों संग पहुंचे पूर्व प्रधान पति ने विधायक आवास पर घंटों बैठक की। विधायक ने आश्वस्त किया कि अगले सप्ताह मुख्यमंत्री से मुलाकात कर सीओ के निलंबन की कार्रवाई कराई जाएगी। फिलहाल सीओ ने मुख्यालय पर कार्यभार ग्रहण कर लिया है।
घटना बिलसंडा थाना क्षेत्र के मरौरीखास गांव की है। महाशिवरात्रि से एक दिन पूर्व बुधवार को सीओ बीसलपुर विनीत सिंह मंदिरों की व्यवस्थाएं चेक करते हुए मढ़ानाथ मंदिर पहुंचे थे। वहां के पुजारी गुड्डू ने सीओ से मंदिर की जमीन पर कब्जा करने और धार्मिक कार्यक्रमों में व्यवधान डालने का आरोप पूर्व प्रधान वीना अवस्थी के पति संजीव अवस्थी पर लगाया था। पूर्व प्रधान के पति का आरोप था कि इसके बाद सीओ ने पुजारी के पैरों में उसकी नाक रगड़वाकर अपमानित किया था। मुख्यमंत्री पोर्टल तक हुई शिकायत के बाद एसपी के आदेश पर रात में ही एएसपी डॉ. पवित्र मोहन त्रिपाठी गांव गए थे और सभी पक्षों के बयान लिए थे। जांच रिपोर्ट एडीजी बरेली को बृहस्पतिवार देर रात भेज दी गई थी। फिर सीओ बीसलपुर को सर्किल से हटाकर एसपी कार्यालय से अटैच कर दिया गया। शुक्रवार पूर्वान्ह 11 बजे सीओ ने यहां पर कार्यभार भी ग्रहण कर लिया। उधर, भाजपा के बीसलपुर विधायक रामसरन वर्मा, पूर्व प्रधान के पति संजीव अवस्थी ने शुक्रवार को तहसील में धरने का एलान कर रखा था। शुक्रवार सुबह से ही ट्रैक्टर ट्रॉलियों में भरकर ग्रामीण पूर्व प्रधान के पति के समर्थन में बीसलपुर पहुंचे। विधायक ने अपने आवास पर सभी के साथ घंटों बैठक की और अधिकारियों की ओर से की गई कार्रवाई एवं निलंबन के आश्वासन के बारे में बताया। करीब दो घंटे तक चली बैठक के बाद धरना स्थगित कर दिया गया। विधायक ने आश्वासन दिया कि सीओ का निलंबन भी कराया जाएगा और पुजारी भी हटाया जाएगा। इसके लिए अगले हफ्ते पूर्व प्रधान पति को साथ ले जाकर मुख्यमंत्री से मुलाकात का भरोसा दिलाया। इस पर ग्रामीण वापस हुए।
बैठक के दौरान कुछ ग्रामीण दिखे नाखुश, बुलाई पुलिस
विधायक आवास पर चल रही बैठक के दौरान कुछ ग्रामीण अब तक हुई कार्रवाई से नाखुश भी दिखे। विधायक के धरना स्थगित करने की बात पर उन्होंने विरोध के तौर पर प्रतिक्रिया भी जाहिर की। सीओ के तत्काल निलंबन की मांग करते हुए चक्का जाम और धरने की बात कही। विधायक ने उन्हें बाद में आश्वासन देकर शांत करा दिया। कुछ लोग उठकर चले भी गए। बैठक छोड़कर गए कुछ लोगों द्वारा कहीं कोई हंगामा न कर दिया जाए, इसे देखते हुए पुलिस भी मौके पर बुला ली गई थी।
विरोधी गुट की नारेबाजी रही चर्चा का विषय
एक संगठन के कार्यकर्ता भी पूर्व प्रधान के पति के समर्थन में विधायक आवास पर गए थे। जब धरना स्थगित करने की बात आई तो संगठन के कार्यकर्ता उठकर कुछ अन्य ग्रामीणों के साथ ही बाहर आ गए थे। यह विधायक के विरोधी गुट में गिने जाते हैं। बताते हैं कि उन्होंने चौसरा रेलवे क्रॉसिंग के पास पहुंचकर विधायक के विरोध में नारे भी लगा दिए। आश्वस्त होकर लौट रहे कुछ ग्रामीणों को उकसाने के लिए रास्ते में रोका भी। मगर, बात बन नहीं सकी। मामला पूरे दिन चर्चा का विषय बना रहा।
ब्राह्मण चेतना परिषद और प्रधान संगठन ने की सख्त कार्रवाई की मांग
ब्राह्मण चेतना परिषद के पदाधिकारियों ने पूर्व प्रधान पति से हुई घटना पर सीओ पर सख्त कार्रवाई की मांग की। जिला अध्यक्ष हेमंत मिश्रा, संरक्षक जितिन प्रसाद ने बताया कि परिषद के प्रदेश अध्यक्ष विश्वदीप अवस्थी को भी घटना से अवगत कराया गया है। वहीं, ग्राम प्रधान संगठन के मंडल अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह चौहान ने भी निंदा की। कहा कि सीओ का निलंबन होना चाहिए।
पुजारी ने पूर्व प्रधान पति से जताया जान को खतरा, शिकायत
मढ़ानाथ मंदिर के पुजारी गुड्डू ने शुक्रवार को पुलिस लाइन पहुंचकर एसपी कार्यालय में शिकायती पत्र दिया। इसमें मंदिर की जमीन पर कब्जा करने और धार्मिक आयोजनों में व्यवधान डालने की बात कही। आरोप लगाया कि दस मार्च को जब से पुलिस से शिकायत की गई है तब से पूर्व प्रधान पति और कब्जेदार लगातार धमका रहे हैं। पूर्व प्रधान पति से जान का खतरा जताते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की।
पूर्व प्रधान पति बोले- फिलहाल कार्रवाई से संतुष्ट
पूर्व प्रधान के पति संजीव अवस्थी का कहना है कि सीओ को सर्किल से हटा दिया गया है। विधायक ने मुख्यमंत्री ने मिलकर निलंबन कराने का आश्वासन भी दिया है। पुजारी के भी हटाए जाने की बात कही है। ऐसे में कार्रवाई से फिलहाल संतुष्ट हैं। अगर कार्रवाई नहीं होती तो दोबारा बैठक कर रणनीति बनाएंगे।
सीओ को सर्किल से हटा दिया गया, इस पर धरना स्थगित कर दिया है। सीओ के निलंबन के लिए मुख्यमंत्री से मुलाकात करूंगा। - रामसरन वर्मा, भाजपा विधायक, बीसलपुर
मामले की जांच रिपोर्ट एडीजी बरेली को भेजी जा चुकी है। एडीजी के निर्देश पर सीओ बीसलपुर को एसपी कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। अभी इस प्रकरण में विस्तृत जांच जारी है। अग्रिम कार्रवाई उच्चाधिकारियों के स्तर से होगी। - डॉ. पवित्र मोहन त्रिपाठी, एएसपी