पूरनपुर। फर्जी मस्टररोल बनाकर मनरेगा में घोटाला करने वाले रोजगार सेवक पर आखिरकार एफआईआर दर्ज हो ही गई। कई दिनों से चली आ रही टालमटोल के बाद कोतवाली पुलिस ने सचिव की ओर से दी गई तहरीर पर गांव अमरैयाकलां के रोजगार सेवक श्रीपाल पर कार्रवाई की। इसके अलावा पूर्व प्रधान, तकनीकी सहायक और सचिव को रिकवरी के लिए नोटिस भेजा है।
ब्लॉक क्षेत्र की ग्राम पंचायत अमरैयाकलां में मनरेगा से हुए कार्यों में घपलेबाजी की शिकायत पर कुछ माह पूर्व डीएम से हुई थी। उपायुक्त (श्रम रोजगार) मृणाल सिंह ने जांच की तो 390141 रुपये का घोटाला निकला था। इसकी रिकवरी तत्कालीन प्रधान, ग्राम पंचायत सचिव और तकनीकी सहायक से होनी है। इसके लिए ब्लॉक से तीनों को नोटिस भेजा गया है। इसके अलावा फर्जी मस्टररोल तैयार करने पर रोजगार सेवक श्रीपाल को बर्खास्त कर एफआईआर के आदेश किए गए थे। प्रधानों का कार्यकाल पूरा होने पर ग्राम पंचायत समितियां भंग चल रही है। ऐसे में रोजगार सेवक की बर्खास्तगी नहीं हो सकी थी। पंचायत सचिव मेहरबान सिंह राणा ने चार दिन पहले रोजगार सेवक के खिलाफ कोतवाली में तहरीर दी थी। कोतवाल एसके सिंह ने बताया कि सचिव की तहरीर पर रोजगार सेवक पर धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
उधर, बीडीओ सुनील जायसवाल ने बताया कि रोजगार सेवक से काम नहीं लिया जा रहा है। नियमानुसार उसकी बर्खास्तगी कराई जाएगी। फिलहाल रिकवरी के लिए पूर्व प्रधान, सचिव और तकनीकी सहायक को नोटिस भेजा है।