पीलीभीत। गोहत्या के मामले में सीओ का कार्यक्षेत्र बदलने और कोतवाल के लाइनहाजिर किए जाने के बाद अब दर्ज की गई एफआईआर में गोवध निवारण अधिनियम की धारा बढ़ा दी गई है। मगर पुलिस की ओर से की गई कार्रवाई पर भाजपा विधायक रामसरन वर्मा संतुष्ट नहीं है। उन्होंने साफ कहा कि गोहत्या के आरोपियों को पुलिस ने पहले बचाने का काम किया है। इसे वह मुख्यमंत्री तक ले जाएंगे। मामले में लिप्त सीओ और कोतवाल का निलंबन कराकर ही दम लेंगे। इसके अलावा पुलिस की मदद करने में सहयोगी की भूमिका निभाने वाले एक अन्य व्यक्ति पर धारा 120बी के तहत चार्जशीट दाखिल करने की भी मांग की।
बीसलपुर नगर में डायट परिसर के पास 14 जनवरी को एक गाय मृत मिली थी। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने शव बिना पोस्टमार्टम कराए गड्ढा खोदकर जमीन में दबा दिया था। 21 जनवरी को भाजपा विधायक बीसलपुर रामसरन वर्मा ने मामला संज्ञान में आने पर पहले सीओ-कोतवाल से जानकारी की तो उनका आरोप है कि दोनों ने गाय के शरीर पर कोई चोट न होने की बात कहकर गुमराह कर दिया था। विधायक ने एसपी और फिर डीआईजी से बात की थी। तब शव को निकालकर पोस्टमार्टम कराया गया तो चोट से मौत होने की पुष्टि हुई थी। विधायक का आरोप है कि इसके बाद रिपोर्ट भी हल्की धाराओं में बमुश्किल दर्ज की गई। इस मामले की एएसपी से जांच कराई गई थी। लापरवाही मिलने पर बीसलपुर कोतवाल सुनील कुमार शर्मा को बृहस्पतिवार रात लाइनहाजिर कर दिया गया था। सीओ लल्लन सिंह को हटाकर पूरनपुर भेज दिया था। इस कार्रवाई के बाद अब पुलिस ने दर्ज की गई रिपोर्ट में गोवध निवारण अधिनियम की धारा भी बढ़ा दी है। विधायक इस पर संतुष्ट नहीं है। उनका साफ कहना है कि गोहत्या के मामले में वह सख्त कार्रवाई कराकर ही दम लेंगे।
पुलिस ने शुरूआत से मामले को दबाने का काम किया। पहले पोस्टमार्टम नहीं कराया। फिर हल्की धारा में रिपोर्ट दर्ज कर आरोपियों को जमानत का मौका दे दिया। धारा तब बढ़ाई गई, जब पहले से जमानत हो चुकी है। एक अन्य युवक भी इसमें शामिल रहा, उस पर 120 बी के तहत कार्रवाई की जाए। संलिप्त सीओ और कोतवाल का निलंबन कराकर रहेंगे। मुख्यमंत्री को करतूत बताएंगे और कार्रवाई कराएंगे।
- रामसरन वर्मा, भाजपा विधायक बीसलपुर
गाय की हत्या के मामले में आरोप लगने पर एएसपी से जांच कराई गई थी। लापरवाही पाए जाने पर कोतवाल को लाइनहाजिर कर दिया गया था। मामले में गोवध अधिनियम की धारा भी दर्ज एफआईआर में बढ़वा दी गई हैं। निष्पक्ष विवेचना कर सख्त कार्रवाई कराई जाएगी।
- जयप्रकाश, एसपी