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हत्या नहीं, हादसे में गई थी साधु की जान

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बीसलपुर/ दियोरिया। साधु सोमपाल की हत्या नहीं हुई, बल्कि उसकी मौत ट्रक की टक्कर लगने से हुई थी। टक्कर मारने के बाद चालक साधु को अस्पताल ले जाने के बजाय मढ़ी परिसर में बनी झोपड़ी में डाल गया था। समय पर इलाज न मिल पाने की वजह से साधु ने झोपड़ी के अंदर दम तोड़ दिया। पुलिस ने घटना का खुलासा करने के बाद ट्रक चालक को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया।
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दियोरियाकला कोतवाली क्षेत्र के गांव हसनापुर गांव के बाहर बनी मढ़ी में शाहजहांपुर के बंडा थाना क्षेत्र के गांव ताजपुर निवासी 60 वर्षीय साधु सोमपाल पिछले करीब ढाई दशक से रहते थे। 23 जनवरी की सुबह उनका लहूलुहान शव मढ़ी परिसर में बनी झोपड़ी में मिला था। उनके सिर में गंभीर चोट लगी थी। गांव सिंधौरा बिंदुआ निवासी भांजी लौंगश्री की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ सोमपाल की हत्या की रिपोर्ट दर्ज की थी।
पुलिस ने छानबीन के दौरान माधोटांडा थाना क्षेत्र के गांव भैरोखुर्द निवासी ट्रक चालक सतनाम उर्फ गुरुवचन सिंह को हिरासत में लेकर पूछताछ की। इंस्पेक्टर मनीराम ने बताया कि पूछताछ के दौरान चालक सतनाम ने बताया कि 22 जनवरी की रात करीब 11 बजे वह ट्रक लेकर बिहारीपुर गांव स्थित गन्ना क्रय केंद्र जा रहा था। तभी साधु मढ़ी से कुछ दूरी पर लगे नल से पानी लेकर लौट रहे थे। सड़क पार करते वक्त साधु को ट्रक की टक्कर लग गई। इससे सिर में गंभीर चोट आने से वह बेहोश हो गए थे। चालक सतनाम कानूनी फंदे में फंसने के डर से साधु को अस्पताल ले जाने के बजाय गढ़ी में बनी झोपड़ी में लिटाकर चुपचाप चला गया। झोपड़ी का दरवाजा नीचा होने की वजह से घुसते समय उसके सिर में गुम चोट भी लग गई थी। आरोपी को पूछताछ के बाद कोर्ट में पेश किया। जहां से न्यायिक हिरासत में उसे जेल भेज दिया गया। मुकदमा हत्या से हादसे की धाराओं में तरमीम कर दिया गया है।
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