पीलीभीत। श्रीराम मंदिर निर्माण के नाम से फर्जी रसीद छपवाकर लोगों से धन वसूली करने वाले एक आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। उसने खुद को वीर हिंदू युवा संगठन का राष्ट्रीय अध्यक्ष बताया। उसके खिलाफ विश्व हिंदू परिषद के कार्य अध्यक्ष ने रिपोर्ट दर्ज कराई है। अब पुलिस को आरोपी के साथियों की है।
विश्व हिंदू परिषद के कार्य अध्यक्ष वेद प्रकाश शुक्ला ने बताया कि अयोध्या में श्रीराम का भव्य मंदिर निर्माण के लिए निधि समर्पण अभियान चलाया जा रहा है। इससे टीमें घर-घर जाकर निधि समर्पण के लिए लोगों से संपर्क कर रही है। दो दिन पहले आरएसएस की एक टीम काला मंदिर मोहल्ले में सहयोग राशि लेने पहुंची थी। वहां पता चला कि खुद को वीर हिंदू युवा संगठन का राष्ट्रीय अध्यक्ष बताने वाला नौगवां पकड़िया मोहल्ला निवासी ठाकुर रविंद्र सिंह, उसी संगठन का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ठाकुर शक्ति सिंह, महामंत्री अजीत सिंह, कोषाध्यक्ष पंकज पटेल और सचिव रवि कुमार सहयोग राशि के नाम पर वसूली करके ले गए। उनकी ओर से रसीद भी दी गई, जो फर्जी बताई जाती है। रसीन पर उनके संगठन का नाम और पता लिखा है। बृहस्पतिवार को पुलिस ने तहरी के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर मुख्य आरोपी ठाकुर रविंद्र सिंह को मंडी समिति गेट के पास से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक अन्य आरोपी मौके से भाग गए। पुलिस ने आरोपी से पूछताछ करने के बाद कोर्ट में पेश किया। वहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। पुलिस के मुताबिक पिछले साल आरोपी गणतंत्र दिवस के मौके पर तिरंगा यात्रा निकालने पर पकड़ा गया था। हालांकि तब उस पर रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई थी।
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एक आरोपी को गिरफ्तार कर उसे जेल भेज दिया है। फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है। आरोपियों के पास श्रीराम मंदिर निर्माण की फर्जी रसीद बुक भी बरामद हुई है। जल्द ही अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा। - श्रीकांत द्विवेदी, इंस्पेक्टर सुनगढ़ी