ओम राइस मिल से छापेमारी कर बाहर निकलते सिटी मजिस्ट्रेट
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पीलीभीत। किसान से फोन पर बातचीत का ऑडियो वायरल होने के बाद डीएम के निर्देश पर प्रशासनिक अफसरों की टीम ने ओम राइस मिल पर देर शाम छापा मारा। प्रशासनिक अफसरों की टीम राइस मिल के अंदर चार घंटे से ज्यादा समय तक मौजूद रही। अफसरों ने वहां धान का स्टाक चेक किया। खालसा धर्मकांटा के पास राइस मिलर के गोदाम पर अफसर बहुत देर तक रहे। यहां भी धान मिला। उसका स्टाक रजिस्टर से मिलान किया गया। प्रशासन के इस कदम से राइस मिल मालिकों और आढ़तियों में हड़कंप मच गया। अफसरों ने पूरनपुर हाईवे स्थित राइस मिलर के प्लॉट में पड़े धान का स्टाक भी चेक किया। देर रात तक अफसरों की कार्रवाई चल रही थी।
शनिवार को चित्तरपुर गांव के किसान और राइस मिल एसोसिएशन के पदाधिकारी से धान खरीद के रेट को लेकर एक ऑडियो वायरल हो गया था। उसमें राइस मिलर ने किसान से बढ़िया से बढ़िया धान 1250 रुपये क्विंटल में लेने की बात कही थी। राइस मिलर ने पंजीकरण के अभिलेख देेने पर
100 रुपये प्रति क्विंटल अधिक देने की बात कही थी। ऑडियो की जानकारी होते ही डीएम पुलकित खरे के निर्देश पर रविवार को सिटी मजिस्ट्रेट अरुण कुमार सिंह की अगुवाई में डिप्टी आरएमओ डॉ. अविनाश झा और मंडी सचिव विजिन वालियान के साथ लकड़ी मंडी स्थित ओम राइस मिल पर छापा मारा। प्रशासनिक टीम ने राइस मिल में धान के क्रय विक्रय के अभिलेखों को कब्जे में ले लिया। राइस मिल के अंदर धान का स्टॉक देखने के बाद मिल मलिक से उसका हिसाब मांगा। इसके बाद पूरनपुर हाईवे पर स्थित एक अन्य प्लॉट भी राइस मिलर का धान मौजूद होने की जानकारी लगी तो अफसर अभिलेख लेकर वहां भी गए। अफसरों ने छापा मारने की कार्रवाई को फिलहाल चुप्पी साध ली। देर रात तक अफसरों की कार्रवाई जारी थी। सिटी मजिस्ट्रेट अरुण कुमार सिंह ने रात 8.15 बजे बताया कि राइस मिल के अंदर अभी जांच चल रही है। धान खरीद के रिकार्ड चेक किए जा रहे हैं। जांच पूरी होने के बाद पता चलेगा सही बात निकलकर सामने आएगी। सिटी मजिस्ट्रेट ने कहा कि वह जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपेंगे।