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किसान बनकर बिचौलिया को बेच रहा धान आरएफसी ने पकड़ा

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मंडी समिति में क्रय केंद्र का निरीक्षण करते आरएफसी जोगेंद्र सिंह। - फोटो : PILIBHIT
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पीलीभीत। डीएम के बाद अब नए आरएफसी के औचक निरीक्षण में धान खरीद में गड़बड़ी उजागर हुई। मंडी समिति के क्रय केंद्र नंबर चार पर आरएफसी ने बिचौलिये को किसान बनकर धान मंडी में बेचते पकड़ लिया। बिचौलिये के पास 12 किसानों के नाम की पंजीकरण पर्चियां भी बरामद हुईं। बिचौलिये ने पूछताछ में अमरिया के एक माफिया का नाम भी लिया। बिचौलिये को पुलिस के सुपुर्द कर एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं।
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एक अक्तूबर से शुरू हुई धान खरीद को पारदर्शिता से कराने में शासन-प्रशासन जी जान से जुटा है। मगर, निचले स्तर पर माफिया और अफसरों का गठजोड़ सरकार की मंशा पर पूरी तरह पानी फेरने में जुटा है। 12 सितंबरा को मंडी समिति में डीएम पुलकित खरे ने औचक निरीक्षण में तमाम कमियां पकड़ी थीं। उसके बाद डीएम ने डिप्टी आरएमओ डॉ. अविनाश झा की कड़ी फटकार लगाई थी। दो दिन पहले शासन ने आरएफसी बरेली पीके श्रीवास्तव को धान खरीद में गड़बड़ी पर निलंबित कर दिया था। इनके स्थान पर भेजे गए नए आरएफसी जोगेंद्र सिंह ने अपना कार्यभार ग्रहण करने के तुरंत बाद कार्रवाई शुरू कर दी है।
शनिवार को आरएमओ राममूर्ति के साथ पीलीभीत पहुंचकर आरएफसी ने धान खरीद की हकीकत देखी। उन्होंने मंडी समिति में धान क्रय केंद्रों का निरीक्षण किया। क्रय केंद्र नंबर चार पर पहुंचते ही उनकी नजर किसान बनकर धान की तौल कराने वाले अमरिया निवासी जुनैद पर पड़ी। शक होने पर उन्होंने जुनैद से सवाल जवाब शुरू कर दिए। पहले तो बिचौलिये ने अफसरों को गुमराह करने का प्रयास किया , मगर बाद में वह सटीक जवाब न देने की वजह से पकड़ा गया। तलाशी लेने पर बिचौलिये के पास 12 किसानों के पंजीकरण की पर्ची निकली। आरएफसी ने उससे सख्ती से पूछताछ की तो उसने बताया कि वह अमरिया के ही राशिद के कहने पर धान बेचने क्रय केंद्र पर आया था। पकड़े गए बिचौलिये को पुलिस के हवाले करने के बाद उस पर एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए। बिचौलिये द्वारा तौल कराए गए धान को भी सीज करने को कहा गया। अब धान खरीद से जुड़े अधिकारी राशिद के बारे में जानकारी जुटाने में लग गए हैं। आरएफसी ने डीएम पुलकित खरे से मुलाकात कर धान खरीद को लेकर कई बिंदुओं पर बातचीत की डिप्टी आरएमओ डॉ.अविनाश झा, मंडी सचिव विजिन कुमार आदि मौजूद थे।
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आरएफसी ने किसानों से की मुलाकात, बताईं शिकायतें
मंडी सचिव कार्यालय मेें नए आरएफसी ने किसानों की भी समस्याएं सुनी। कुछ किसानों ने पंजीकरण और धान खरीद में धांधली की शिकायतें भी दर्ज कराई। किसानों का कहना था कि महिलाओं के नाम हुए पंजीकरण को प्राथमिकता दी जा रही है, जबकि महिला किसानों की संख्या बहुत कम है। मंडी या अन्य धान क्रय केंद्रों पर कई दिन इंतजार के बाद भी उनका धान नहीं तुल पा रहा। महिला के नाम से पंजीकरण होने वाले धान को तत्काल तौल करा दी जाती है, जबकि महिला किसान मौके पर आतीं तक नहीं। आरएफसी ने मंडी सचिव विजिन कुमार को निर्देश दिए कि महिला किसानों को तभी वरीयता दी जाए जब वह मौके पर खुद हो। खतौनी में भी महिला का नाम दर्ज होना चाहिए। कुछ किसानों ने तौल के एवज में सुविधा शुल्क मांगने की भी मौखिक शिकायतें की। उनसे आरएफसी ने लिखित में शिकायत मांगी और जांच कर कार्रवाई का भरोसा दिलाया। आरएफसी ने किसानों के रिजेक्ट किए गए धान को भी देखा और दोबारा नमी चेक कराई गई। धूल अधिक वाले धान को डस्टर की मदद से साफ कराने के निर्देश दिए।
धान के उठान की दिक्कत पर राइस मिलर से बातचीत
बीते कई दिनों से क्रय केंद्रों पर खरीदे गए धान के उठान की समस्या लगातार बढ़ रही है। किसान सेंटरों से धान का उठान न कराने की वजह राईस मिलर्स को बता रहे थे, जबकि राईस मिलर्स का कहना था कि परिवहन ठेकेदार की कमी से धान का उठान नहीं हो पा रहा। मंडी समिति के टिनशेड धान के बोरों से भरे थे। नए धान को रखने की भी जगह नहीं बची थी। तौल भी इसके चलते बाधित हो रही थी। समस्या के समाधान के लिए आरएफसी ने राईस मिलर्स को बुलाकर बातचीत की। राईस मिलर्स ने परिवहन शुल्क न मिलने की शिकायत दर्ज कराई। आरएफसी ने निष्पक्ष एवं पारदर्शिता से काम कराने का भरोसा दिलाया। धान के उठान की दिक्कत दूर होने की बात कही गई।
बंद पड़े 10 क्रय केंद्रों पर भी मंथन
क्रय केंद्र प्रभारियों पर एफआईआर और निलंबन के बाद 165 में से 10 धान क्रय केंद्र बंद हो चुके हैं। वह केंद्र दोबारा शुरू नहीं कराए जा सके। संबंधित इलाके के किसानों को उन क्रय केंद्रों के बंद होने से धान बिक्री में दिक्कत आ रही है। समस्या के संज्ञान में आने पर आरएफसी ने जनपद स्तरीय अधिकारियों के साथ इस पर भी मंथन किया। उनका कहना था कि जल्द इस दिशा में भी कदम उठाए जाएंगे।
धान खरीद में माफिया हावी नहीं होने देंगे
आरएफसी जोगेंद्र सिंह ने कहा कि निरीक्षण के दौरान एक व्यक्ति को पकड़कर पुलिस के सुपुर्द किया गया है। उस पर एफआईआर ाई जाएगी। उस व्यक्ति के पास 12 किसानों के पंजीकरण भी मिले हैं। इस प्रकरण को गंभीरता से देखकर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। माफिया, बिचौलिये और दलाल क्रय केंद्रों पर हावी नहीं होने दिए जाएंगे। किसी अफसर या कर्मचारी की माफियाओं से साठगांठ निकली तो उस पर भी एक्शन होगा।
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