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व्यापारी के कार चालक के दो भाई समेत तीन गिरफ्तार, 64.80 लाख रुपये बरामद

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पीलीभीत। स्टील व्यापारी के 1.08 करोड़ रुपये और कार बरामद कर जेल भेजे गए चालक के भाई को हिरासत में लेकर की गई पूछताछ के बाद पुलिस ने उससे 64.80 लाख रुपये और बरामद किए। रुपये छिपाने में शामिल उसके दो साथी भी पकड़े गए। एसपी ने प्रेसवार्ता कर मामले का खुलासा किया। इसके बाद तीनों को जेल भेज दिया गया।
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घटना 28 जुलाई को हुई थी। जनकपुरी (बरेली) के निवासी व्यापारी रजत गुप्ता उर्फ रोहित के मुनीम सौरभ सक्सेना को झांसा देकर उनका चालक खटीमा निवासी संदीप यादव बहराइच से तकाजा कर लाए रुपये और कार चोरी कर भाग गया था। 31 जुलाई को पुलिस ने उससे 1.08 करोड़ रुपये बरामद किए थे। चालक समेत चार लोगों को जेल भेज दिया गया था। इस मामले में पुलिस को जानकारी मिली थी कि चालक के भाई राजू उर्फ राजकुमार यादव के पास और कई लाख रुपये छिपे हुए हैं। सीओ सिटी प्रवीण मलिक की अगुवाई में टीम ने खोजबीन की और बृहस्पतिवार को राजू को खटीमा से धर दबोचा। सख्ती से पूछताछ की गई तो सहयोगी के तौर पर एक अन्य भाई अनिल यादव और दोस्त खटीमा के मोहल्ला मेलाघाट रोड निवासी प्रमोद चंद्र का नाम सामने आया। पुलिस ने सुरागरसी के बाद देर रात उन दोनों को भी गिरफ्तार कर लिया। उनकी निशानदेही पर खटीमा के एक निर्माणाधीन मकान से 62.80 लाख और प्रमोद के पास से दो लाख यानी कुल 64.80 लाख रुपये बरामद हुए। शुक्रवार दोपहर एसपी जयप्रकाश, एएसपी डॉ. पवित्र मोहन त्रिपाठी ने पुलिस लाइन में प्रेसवार्ता कर खुलासा किया। इसके बाद चालान कर तीनों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया।
व्यापारी को देना होगा रुपये के लेनदेन का हिसाब
व्यापारी की ओर से दर्ज कराई गई रिपोर्ट में कुछ रुपये का जिक्र किया गया था। मगर, अब तक पुलिस इस मामले में 1.73 करोड़ रुपये बरामद कर चुकी है। ऐसे में विवेचना को तथ्यपूर्ण बनाने के लिए पुलिस ने व्यापारी से रुपये के लेनदेन का ब्योरा तलब किया है। रुपये कहां से और किससे लिए गए थे? किस सामान की और कितने समय की बकायेदारी थी? उसे बिल समेत अभिलेख देने को कहा गया है।
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बिचौलियों की बढ़ सकती है मुश्किल
करोड़ों रुपये की चोरी के इस मामले में कुछ ऐसे लोग भी रहे, जो व्यापारी के पास मददगार बनकर गए, वहीं दूसरी ओर आरोपी को बचाने के लिए उससे भी संपर्क साधे हुए थे। ऐसे बिचौलियों के बारे में भी पुलिस को जानकारी मिली है। एसपी ने साफ कहा कि उनकी भी जांच चल रही है, तथ्य जुटाकर कार्रवाई कराएंगे।
जब पुलिस पर लगे आरोपों के बारे में एसपी ने दी जानकारी
खुलासे के दौरान एसपी ने एक बात व्यापारी के सामने मीडिया कर्मियों से साझा की। कहा कि पुलिस जब 1.08 करोड़ रुपये और कार की बरामदगी कर चार लोगों को जेल भेज गुडवर्क कर चुकी थी। इसके बावजूद व्यापारी ने तीन दिन पूर्व उनके समक्ष पेश होकर पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़ा कर दिया था। व्यापारी ने कहा था कि बाकी लाखों रुपये पुलिस टीम ने गायब कर दिए हैं। इसका पता लगने के बाद सच्चाई पता कराई तो बाकी रकम चालक के रिश्तेदारों पर छिपे होने की बात पता चली। इसी कारण उन्होंने उन्हें पकड़वाने को सख्ती की और अब 64.80 लाख बरामद हो गए। अगर यह बरामदगी न होती तो वह व्यापारी की बात पर अपनी ही पुलिस टीम का ही खेल समझते।
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