पीलीभीत। थाना बिलसंडा के ग्राम भीकमपुर में ग्रामीणों और पुलिस के बीच हुए संघर्ष मामले में जेल भेजे गए फौजी सुनील कुमार सहित 11 आरोपियों की जमानत अर्जी सुनवाई के बाद जिला जज ने मंजूर कर ली।
थाना बिलसंडा पर छह मई 2020 को रात 10:30 बजे पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसके अनुसार भीकमपुर गांव में रात करीब 9:00 बजे पुलिया के पास एक सिपाही की मोटरसाइकिल से एक ग्रामीण टकरा गया। उससे हटने को कहा, तो वह नहीं हटा और गाली गलौज करने लगा। उसने अपने बचाव में अन्य ग्रामीणों को बुला लिया। इसमें पुलिस ने 22 नामजद आरोपियों सहित 40-50 अज्ञात पुरुष महिलाओं के खिलाफ एक राय होकर पुलिस पार्टी पर जान से मारने की नीयत से हमला करने और लाठी-डंडों से पुलिस की पिटाई करने की रिपोर्ट दर्ज कर ली। इस मामले में जम्मू कश्मीर में सेना में तैनात सुनील कुमार फौजी सहित 11 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
बीसलपुर के भाजपा विधायक रामसरन वर्मा ने इसे लेकर नाराजगी जताई थी। उसके बाद विवेचना थाना बिलसंडा से हटाकर बीसलपुर कोतवाली को सौंप दी गई थी। इस बीच जेल भेजे गए आरोपियों झम्मन लाल, खेमकरण, दिनेश, देवेंद्र, उत्तम कुमार, महेश कुमार ,संजीव, अमरपाल, धर्मवीर, छत्रपाल और सुनील कुमार फौजी की ओर से जिला जज महताब अहमद की अदालत में जमानत अर्जी दाखिल की गई थी। शनिवार को जमानत अर्जी पर सुनवाई हुई। फौजी पक्ष की ओर से बचाव पक्ष के अधिवक्ता धीरेंद्र मिश्र ने तर्क प्रस्तुत किए कि पुलिस ने फर्जी रिपोर्ट दर्ज की है। अपनी कमी छुपाने के लिए फर्जी घटना बनाई और ग्रामीणों को आतंकित किया है। मामले की सुनवाई के बाद जिला जज ने फौजी सहित सभी आरोपियों की जमानत मंजूर कर ली।