सामूहिक विवाह समारोह में रचा लिया था विवाह, जांच में खुलासा होने के बाद पुलिस ने दर्ज की एफआईआर
जहानाबाद। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में सामूहिक विवाह समारोह में सरकारी योजना का फायदा उठाने के लिए दूसरी बार शादी करने वाली महिला पर पुलिस ने धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज की है। समाज कल्याण विभाग के सुपरवाइजर ने पुलिस को इस मामले की तहरीर दी थी। महिला जांच में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में मिलने वाले 51 हजार रुपये लेने के लिए धोखाधड़ी करने की दोषी पाई गई।
बिलसंडा ब्लॉक के गांव नूरानपुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 14 नवंबर को सामूहिक विवाह समारोह में नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद देने आए थे। उस समारोह में समाज कल्याण विभाग ने 525 जोड़ों की सामूहिक शादियां कराने का दावा किया था। कुछ दिनों बाद एक महिला ने अफसरों से शिकायत की थी कि सुशीला देवी उसकी बहू है। वह उसके लड़के से शादी कर चुकी है। कुछ दिन पहले वह अपने मायके चली गई। फिर मायके वालों के बहकावे में आकर उसकी बहू ने मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह समारोह में किसी और शादी से कर ली। महिला की सास का वीडियो भी वॉयरल हो गया था।
अमर उजाला ने इस मामले को 29 नवंबर को खबर प्रकाशित की थी। खबर प्रकाशित होते ही समाज कल्याण विभाग समेत समूचे प्रशासन में खलबली मच गई। तुरंत मामले की जांच के आदेश दिए गए। हालांकि इसी बीच समाज कल्याण अधिकारी को महिला के पति ने हल्फनामा देकर बताया कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह समारोह में सुशीला देवी से शादी करने वाला वही था। उसकी पत्नी ने सामूहिक विवाह योजना का लाभ पाने के लिए दूसरी शादी उसी से की थी। जांच में महिला की धोखाधड़ी पाई गई।
समाज कल्याण विभाग के सुपरवाइजर बृजेश कुमार ने इस मामले में पुलिस को तहरीर दी। इसमें बताया कि 14 नवंबर को मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह बिलसंडा के न्यूरानपुर गांव में हुए थे। कल्यानपुर खास गांव निवासी सुशीला देवी पुत्री ओमप्रकाश ने खुद को अविवाहित दिखाकर इसमें आवेदन किया, जबकि उसकी पूर्व में ही शादी हो चुकी है। लाभ पाने के लिए विभाग को गलत तथ्य प्रस्तुत किए। इसकी जांच कराई गई तो मामला खुल गया। इंस्पेक्टर मनीराम सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर सुशीला देवी के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज की गई है। संवाद