पीलीभीत। फास्ट ट्रैक कोर्ट महिला संरक्षण के अपर सत्र न्यायाधीश सीताराम ने मुकदमे की सुनवाई के बाद पति सहित सास और ससुर को विवाहिता की हत्या का दोषी पाते हुए प्रत्येक को दस-दस वर्ष की कैद और दस-दस हजार रूपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार जहानाबाद थाना क्षेत्र के गांव लालपुर गौटिया के नेमचंद की बहन प्रीति की शादी 23 अप्रैल 2016 को ग्राम बिसेन के चोखेलाल के साथ हुई थी। चोखेलाल, सासुर लक्ष्मण प्रसाद, सास प्रेमवती विवाह में दिए गए दान दहेज से खुश नहीं थे और दहेज में एक भैंस, डबलबेड और रूपयों की मांग को लेकर प्रताड़ित करते थे। कई बार ससुराल वालों को समझाया। 23 अप्रैल 2016 को वादी के चचेरे भाई श्याम चरन ने फोन पर सूचना दी कि प्रीति को उसके पति, सास, ससुर ने गला दबाकर मार दिया है। सूचना पर वादी परिवार के साथ बहन की ससुराल बिसेन गया तो प्रीति की लाश कमरे में चारपाई पर पड़ी थी। पुलिस ने विवेचना के बाद आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। मुकदमे की सुनवाई एवं पत्रावली का परसीलन करने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश महिला संरक्षण सीताराम ने पति चोखेलाल, ससुर लक्ष्मण प्रसाद और सास प्रेमवती को प्रीति की हत्या का दोषी पाते हुए प्रत्येक को दस-दस वर्ष की कैद और दस-दस हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया है।