पीलीभीत। भाजपा के बरखेड़ा विधायक किशन लाल राजपूत के भांजे ऋषभ को बंधक बनाकर पीटे जाने के मामले में आरोपी बनाए गए एसडीएम सदर के पेशकार अमित सक्सेना को राहत मिली है। सर्विलांस और अन्य संसाधनों की मदद से की गई जांच के बाद उसकी घटना में मौजूदगी का कोई साक्ष्य नहीं मिला है। इस पर आरोपी के तौर पर शामिल किया गया पेशकार का नाम हटा दिया है। वहीं, अज्ञात आरोपी को लेकर भी कोई जानकारी नहीं निकल रही है। ऐसे में पुलिस घटना में तीन आरोपी होना मान रही है। वसुंधरा कॉलोनी निवासी ऋषभ के साथ 12 सितंबर की रात घटना हुई थी। इस मामले में डीएम के गनर मोहित गुर्जर, एसडीएम सदर के पेशकार अमित सक्सेना, पुनीत गंगवार, डोडो उर्फ सनी और 11 अज्ञात के खिलाफ लूट, जानलेवा हमला और अपहरण की धारा में एफआईआर हुई थी। पेशकार को छोड़कर अन्य तीन आरोपी जेल भेजे गए थे, जिनकी जमानत पुलिस की ओर से संगीन धाराएं हटाए जाने के बाद हो चुकी है। पेशकार अमित के नाम को लेकर शुरुआत से ही असमंजस की स्थिति थी। डीएम वैभव श्रीवास्तव, एसडीएम सदर वंदना त्रिवेदी उसके चकबंदी विभाग के कर्मचारियों के साथ होने की बात कह रहे थे। पुलिस ने इसकी पड़ताल की और अमित को राहत मिल ही गई। एसपी मनोज कुमार सोनकर ने बताया कि अधिकारियों की मौजूदगी में गंभीरता से इस पर काम किया गया है। घटना के समय एसडीएम के पेशकार के होने का कोई साक्ष्य नहीं मिला है। उसकी मोबाइल लोकेशन भी दूसरी जगह पर निकली है। जिसके चलते उसका नाम हटाया गया है।