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पुलिस ने हटाईं संगीन धाराएं तो मिल गई गनर को जमानत

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पीलीभीत। भाजपा विधायक किशनलाल राजपूत के भांजे वसुंधरा कॉलोनी निवासी ऋषभ को मंडी समिति के पास से अगवा करने और मारपीट के मामले में शनिवार को नया मोड़ आ गया। विवेचना के दौरान पुलिस ने संगीन धाराएं हटा दी, जिससे गनर मोहित गुर्जर के अलावा पुनीत गंगवार, डोडो उर्फ सनी को जमानत मिल गई। शनिवार शाम जेल से बाहर निकलने पर जेल गेट पर गनर का स्वागत परिजन और सपा व गुर्जर महासभा के नेताओं ने फूलमालाएं पहनाकर किया। इस दौरान सभी पुलिस लाइन ग्राउंड में इंतजार करते रहे।
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बारह सितंबर की रात मंडी समिति गेट से विधायक किशनलाल राजपूत के भांजे ऋषभ को डीएम के गनर रहे मोहित और उसके साथी कार में डालकर ले गए। आरोप है कि करीब डेढ़ घंटे तक उसे कार में घुमाते रहे और बेरहमी से पीटा गया। इसका पता लगने पर विधायक किशनलाल और उनके कार्यकर्ताओं ने काफी हंगामा किया था। उन पर पुलिस अधिकारियों के सामने गनर को पीटने का आरोप है। सपा और अखिल भारतीय गुर्जर महासभा ने इस मामले में विधायक पर कार्रवाई की मांग करते हुए आंदोलन की चेतावनी दी थी। आठ दिन चली विवेचना में पुलिस ने आखिरकार गनर का साथ निभाया और एफआईआर से अपहरण, जानलेवा हमला और लूट की धाराएं हटा दी गईं। मुकदमा बलवा, मारपीट, गाली गलौज और धमकाने की धाराओं में तरमीम कर दिया गया। संगीन धाराएं हटने पर गनर व उसके साथियों की कोर्ट ने जमानत मंजूर कर ली। शनिवार शाम गनर मोहित गुर्जर, पुनीत गंगवार और सनी तीनों जेल से रिहा हो गए। गनर के परिजन, सछास (समाजवादी छात्र सभा) के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अतुल प्रधान, बरेली कॉलेज छात्रसंघ के पूर्व महामंत्री व छात्रसभा का निवर्तमान बरेली जिलाध्यक्ष हृदयेश यादव, गुर्जर महासभा के अश्वनी गुर्जर समेत काफी लोग पहले से जमा थे। जेल से बाहर निकलते ही गनर मोहित का स्वागत किया गया। गनर पुलिस लाइन विभागीय कार्रवाई पूरी करने पहुंचा। उस दौरान आरोपी पुनीत और डोडो उर्फ सनी तो चले गए, लेकिन गनर के इंतजार में सभी रुके रहे।
बरेली से आए आईपीएस ने लिए बयान
गनर मोहित के परिजन की शिकायत पर एडीजी बरेली ने इस मामले में जांच बैठा रखी है। इसी क्रम में बरेली से आईपीएस अभिषेक वर्मा पीलीभीत पहुंचे। गनर के जेल से निकलने पर उन्होंने पुलिस लाइन के एक कार्यालय में बैठकर बयान दर्ज किए।
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सिपाही भी साथी की रिहाई पर खुश
विधायक बरखेड़ा किशनलाल राजपूत पर सिपाही को पीटने का आरोप लगा था। इसको लेकर पुलिस विभाग में भी गुटबाजी शुरू हो गई थी। शनिवार शाम को गनर की रिहाई का पता लगने पर गनर के समर्थन वाला खेमा खुश था। कई पुलिसकर्मी तो मिलने भी पहुंचे।
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अभी अमित सक्सेना पर चल रही जांच
इस मामले में अभी एसडीएम के गनर अमित सक्सेना और अज्ञात आरोपियों को लेकर जांच जारी है। - नरेशपाल सिंह, इंस्पेक्टर क्राइम सुनगढ़ी/विवेचक
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